Varanasi : संत रविदास मंदिर राजघाट में गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई

Shekhar Pandey
वाराणसी। संत रविदास मंदिर राजघाट काशी में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649 वी जयंती दी रविदास स्मारक सोसाइटी द्वारा हर्षो उल्लास पूर्वक मनाई गई, लोगों ने गुरु जी के चरणों में मत्था टेक अरदास की। महंत रामविलास दास द्वारा पूजन अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। संत रविदास के विचारों की प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मंदिर निर्माण करता बाबू जगजीवन राम के नाती डॉक्टर अंशुल अभिजीत ने कहा संत रविदास का विचार और अकाट्य एवं औषधि समान है मन चंगा तो कठौती में गंगा अमृतवाणी लोगों में नव चेतना उत्पन्न करती है। बेगमपुरा उनकी परिकल्पना सर्वेभवंति सुखिन सर्वे निरामया का बोध कराती है। सचिव रतनलाल भगत ने कहा गुरु रविदास का एक-एक पद समावेशी समाज की संरचना का पथ निर्मित करता है वह सब की खुशहाली एवं समानता की बात करते हैं।

अध्यक्षता करते हुए साहित्य कार डॉक्टर भगवती सिंह ने कहा आज जो जातीयता, धर्मबाद, छुआछूत का बादल गरज रहा है गुरु जी के बताए पद चिह्नो पर चलकर ही बंद किया जा सकता है। गोष्टी को प्रोफेसर डॉक्टर प्रज्ञा सिंह, डॉक्टर जय शंकर जय, आदि ने संबोधित किया। गोष्ठी में मुख्य रूप से मनोज कुमार, करमचंद पूनम, अरुण द्विवेदी, सत्यनारायण भारती, धर्मराज, अमावश अरोडा, मोहन, महेश कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत प्रबंधक मदन भगत धन्यवाद ज्ञापन वीरेंद्र बबलू ने किया। देर रात तक भंडारे में लोग प्रसाद ग्रहण करते रहे।



