उत्तर प्रदेशवाराणसी

मिशन कर्मयोगी से बदल रही भारतीय शासन व्यवस्था की तस्वीर : डॉ. जितेंद्र सिंह

Nispaksh kashi

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वाराणसी। केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने कहा कि ‘मिशन कर्मयोगी’ भारतीय शासन व्यवस्था को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक अभियान बन चुका है। यह पहल देश के सरकारी कर्मचारियों को पारंपरिक ढांचे से निकालकर उन्हें आधुनिक, दक्ष और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उन्होंने बताया कि पहले जहां सरकारी अधिकारियों को नई योजनाओं की जानकारी के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, वहीं अब ‘आईगॉट’ (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) प्लेटफॉर्म के माध्यम से वे मिनटों में आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी और दक्षता दोनों आई है।

डॉ. सिंह के अनुसार, वर्ष 2021 में शुरू किए गए इस मिशन का उद्देश्य सिविल सेवाओं में निरंतर सीखने की संस्कृति विकसित करना है। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों को उनकी भूमिका के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे बदलती चुनौतियों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में 1.5 करोड़ से अधिक अधिकारी इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं और हजारों पाठ्यक्रमों के माध्यम से अपनी क्षमता का विकास कर रहे हैं। यह पहल ‘कर्मचारी’ से ‘कर्मयोगी’ बनने की सोच को साकार कर रही है, जहां अधिकारी केवल नियमों का पालन करने वाले नहीं, बल्कि सेवा भाव से प्रेरित लोकसेवक बन रहे हैं।

डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि ‘मिशन कर्मयोगी’ के माध्यम से प्रशासन में ‘नागरिक देवो भव’ की भावना को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में प्रशिक्षित और सक्षम सरकारी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मिशन कर्मयोगी इसी दिशा में एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है।

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