Varanasi : घूसखोर पंडित फ़िल्म के विरोध में अहिल्याबाई घाट पर उतरा विप्र समाज, मनोज बाजपेयी के खिलाफ किया प्रदर्शन

Shekhar Pandey
वाराणसी। सनातन धर्म के सभी सोलह संस्कारों में ब्राह्मण (पंडित) अपने आशीर्वाद व मेहनत से सकुशल पूर्ण कराता है। देश का राष्ट्रपति हो या चाहे प्रधानमंत्री सभी ब्राह्मण समाज का सदैव सम्मान करते आए हैं।
किन्तु आज देश का एक ऐसा अभिनेता जो खुद ब्राह्मण कुल में जन्म लिया हो और वही अपने समाज को गाली दे, तो इस प्रकार का कृत्य सर्वदा निंदनीय है। उक्त बातें शुक्रवार को अहिल्याबाई घाट पर विप्र समाज काशी के अध्यक्ष डॉ पवन शुक्ला ने कही। उन्होंने कहा कि इधर कई महीनों से ब्राह्मण समाज को लज्जित करने का कार्य किसी न किसी प्रकार से समाज में किया जा रहा है जो काफी कष्टदायक है। मौका था विप्र समाज द्वारा प्रख्यात कलाकर मनोज बाजपेयी अभिनीत घूसखोर पंडत फ़िल्म का विरोध। इन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम की भावना से पूरा भारत देश चलता है। पूरी वसुधा हमारा परिवार है। किन्तु आज इस भावना का ह्रास होते दिख रहा है।

पंडित कभी किसी का अहित नहीं चाहता। परन्तु समाज की उपेक्षा कभी स्वीकार्य नहीं होगा। अतः उक्त फ़िल्म का नाम अथवा इसे बैन नहीं किया गया तो मनोज बाजपेयी व इस फ़िल्म के निर्माण से जुड़े सभी लोगों के नाश के लिए गंगा तट पर एक बड़ा यज्ञ किया जाएगा और उसमें सभी के विनाश के लिए स्वाहा कर आहुति दी जाएगी। इसी क्रम में वाराणसी के अहिल्याबाई घाट पर काशी के विप्र समाज के अध्यक्ष डॉ पवन कुमार शुक्ला के नेतृत्व में काफी संख्या में संस्कृत के बटुक, ब्राह्मण और पंडितों ने घूसखोर पंडित का पुरजोर विरोध किया। इस दौरान ‘मनोज बाजपेयी मुर्दाबाद’ ब्राह्मणों का ये अपमान-नहीं सहेगा हिंदुस्तान, घूसखोर पंडत फ़िल्म को बन्द करो व जयतु भारतम्-जयतु संस्कृतम् के नारे लगाते रहे। इस मौके पर विशाल औढेकर, संजय उपाध्याय व बृजेश शुक्ला सहित स्थानीय नागरिक भी शामिल थे।



