उत्तर प्रदेशवाराणसी

रेलवे में बड़ा बदलाव: अब लगेंगे आधुनिक कॉम्पोजिट स्लीपर, एआई से होगी ट्रैक निगरानी

Shekhar Pandey

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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है। इसी क्रम में रेल मंत्रालय में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि अब ब्रिज एप्रोच, पॉइंट्स और क्रॉसिंग में पारंपरिक लोहे और कंक्रीट के बजाय आधुनिक कॉम्पोजिट स्लीपर लगाए जाएंगे। ये स्लीपर मौजूदा स्लीपरों की तुलना में हल्के होने के साथ-साथ अधिक भार वहन करने में सक्षम हैं। इनमें बेहतर कुशनिंग होने के कारण यात्रियों को पुलों और जंक्शन से गुजरते समय अधिक आरामदायक अनुभव मिलेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, कॉम्पोजिट स्लीपर प्रति वर्ग सेंटीमीटर लगभग 700 किलोग्राम तक भार सहन कर सकते हैं। साथ ही, इन्हें लगाने और मरम्मत करने में भी आसानी होगी, जिससे रखरखाव की लागत में कमी आएगी। इन स्लीपरों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार डिजाइन कर उपयोग में लाया जा सकेगा।

इसके अलावा, रेलवे ट्रैक की निगरानी को और सुदृढ़ बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सहारा लिया जाएगा। निरीक्षण गाड़ियों में विशेष एआई आधारित उपकरण लगाए जाएंगे, जिनमें ग्राउंड पेनिट्रेशन रडार तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह उपकरण ट्रैक के नीचे की स्थिति का विश्लेषण कर संभावित खामियों की पहले से पहचान करने में मदद करेगा।

रेलवे ने पटरियों की वेल्डिंग की गुणवत्ता सुधारने के लिए मैग्नेटिक पार्टिकल टेस्टिंग तकनीक अपनाने का भी निर्णय लिया है। यह तकनीक वेल्डिंग में मौजूद सूक्ष्म दोषों का सटीक पता लगाने में सक्षम है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना और कम होगी।

रेल मंत्रालय के इन फैसलों को यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और आधुनिक तकनीक के समावेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रेलवे का कहना है कि इन सुधारों से यात्रा न केवल अधिक सुरक्षित होगी, बल्कि अधिक आरामदायक और भरोसेमंद भी बनेगी।

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