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Ahamdabad News: अगर आदिवासी हिंदुस्तान के सबसे पहले मालिक थे तो उन्हें सबसे पहले भागीदारी मिलनी चाहिए : राहुल गांधी

अहमदाबाद । भारत जोड़ो न्याय यात्रा के तीसरे दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भरूच जिले के नेत्रांग में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी का मतलब हिंदुस्तान की जमीन के पहले मालिक। अगर आदिवासी हिंदुस्तान के सबसे पहले मालिक थे तो उन्हें सबसे पहली भागीदारी मिलनी चाहिए। वनवासी का मतलब, जो जंगल में रहते हैं। बीजेपी आपको वनवासी कहती है, आदिवासी नहीं कहती है। उन्होंने आपका नाम बदला क्योंकि वे आपको अधिकार नहीं देना चाहते हैं। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने ‘आदिवासी’ और बीजेपी द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ‘वनवासी’ शब्द के बीच का अंतर बताया। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने आदिवासी समुदाय के इतिहास और संस्कृति को स्वीकारा है। इस वजह से ही वन अधिकार अधिनियम के माध्यम से वन उपज पर आदिवासियों के अधिकारों को कानूनी दर्जा मिला है और PESA के माध्यम से स्वशासन के अधिकार को स्वीकार किया गया है।
राहुल गांधी ने यात्रा के तीसरे दिन नर्मदा जिले के कुंवारपारा में भारत जोड़ो न्याय यात्रा विश्राम स्थल दलित, आदिवासी और किसान आंदोलनों में काम करने वाले लगभग 70 नागरिक समाज संगठनों के नेताओं के साथ चालीस मिनट तक लंबी बातचीत की।राहुल से मुलाकात में प्रतिनिधि मंडल में शामिल लोगों ने बताया कि गुजरात में कुछ आदिवासी समुदायों को पर्याप्त मुआवजे के बिना एक ही जीवनकाल में चार बार भूमि अधिग्रहण और बेदखली का सामना करना पड़ा है। वहां मौजूद एक्टिविस्ट ने यह भी बताया कि कैसे राज्य के विभिन्न हिस्सों में हाउसिंग मार्केट जाति के आधार पर अलग हो रहे हैं, और पिछले बीस वर्षों में अल्पसंख्यक कैसे अधिक असुरक्षित हो गए हैं। एक्टिविस्टों ने गुजरात में पिछले दो दशकों के दौरान हर जगह फैले भय के माहौल के बारे में भी बात की। कुछ नागरिक समाज संगठनों जैसे दुग्ध क्षेत्र की सहकारी समितियों पर भी राजनीतिक रूप से कब्ज़ा कर लिया गया है।

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