वाराणसी रोपवे प्रोजेक्ट की तेज टेस्टिंग, पीएम मोदी लोकार्पित करेंगे आधुनिक अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम

Shekhar Pandey
वाराणसी। नए साल में पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों लोकार्पित होने वाले वाराणसी रोपवे प्रोजेक्ट की टेस्टिंग अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी है। टेस्टिंग के दौरान रोपवे पर चल रहे गंडोला हर 5 सेकंड में एक-दूसरे को क्रॉस कर रहे हैं। वहीं रोप लाइन पर कुल 148 गंडोला लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। रोपवे की स्पीड को कभी धीमा और कभी तेज कर सुरक्षा से जुड़ी सभी बारीकियों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार लक्ष्य है कि लोकार्पण से पहले किसी भी तरह की तकनीकी कमी न रहे। वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि रोपवे सिर्फ अर्बन ट्रांसपोर्ट का आधुनिक साधन नहीं होगा, बल्कि पर्यटन, रोजगार और शहर के आर्थिक विकास का नया अध्याय खोलेगा।
रोपवे में यूरोपियन स्टैंडर्ड के हाई-एंड सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं और गंडोला बीच रास्ते में नहीं खुलेंगे। चारों मुख्य स्टेशनों पर कुल दो लाख स्क्वायर फीट में व्यावसायिक गतिविधियाँ विकसित की जाएंगी। दुकानों, रेस्टोरेंट और होटलों के लिए अभी से भारी डिमांड आने लगी है। इससे स्थानीय रोजगार और व्यापार को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। कुल दूरी: 3.8 किलोमीटर, रूट: वाराणसी कैंट स्टेशन से गोदौलिया, इंटरमीडिएट स्टेशन: काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, टेक्निकल स्टेशन: गिरजाघर-कुल स्टेशन: 5, कुल टावर: 29। गिरजाघर स्टेशन पर अंतिम चरण का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। यह स्टेशन तकनीकी रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस पूरी परियोजना की कुल लागत 815.58 करोड़ रुपये निर्धारित है, जिसमें 15 साल का ओ एंड एम (ऑपरेशन और मेंटेनेंस) भी शामिल है।



