Chandauli : न्यायालय सुरक्षा व बंदी सुरक्षा ड्यूटी में लगे पुलिस कर्मियों दिया गया प्रशिक्षण

Shekhar pandey
चन्दौली, निष्पक्ष काशी । पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में रविवार 12.अक्टूबर को शिविर पुलिस लाइन चन्दौली के नवीन सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन दिगम्बर कुशवाहा की अध्यक्षता में क्षेत्राधिकारी सदर देवेन्द्र कुमार द्वारा न्यायालय व बंदी सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों को न्यायालय सुरक्षा व बंदी पेशी के दौरान अनुपालन करने योग्य सुरक्षा से सम्बन्धित आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। न्यायालयों की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देशों में सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती, संदिग्धों पर कड़ी नज़र रखना, प्रवेश और निकास बिंदुओं पर नियंत्रण और न्यायालय परिसर के अंदर तथा बाहर किसी भी प्रकार की अशांति को रोकने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। साथ ही सभी पुलिसकर्मियों को न्यायालय परिसर में निर्धारित सुरक्षा नियमों और प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करने का निर्देशित दिया गया व सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर कड़ी निगरानी रखी जाए। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु को परिसर में प्रवेश करने से रोका जाए।

और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि केवल अधिकृत व्यक्ति ही प्रवेश कर सकें। सावधानी और जागरूकता के लिए पुलिसकर्मियों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए और संभावित खतरों या संदिग्ध गतिविधियों के प्रति जागरूक रहने के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।आपातकालीन प्रतिक्रिया के दौरान किसी भी आपात स्थिति के लिए एक त्वरित प्रतिक्रिया योजना हेतु सभी पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। न्यायालय परिसर में उपस्थित सभी व्यक्तियों के साथ पुलिसकर्मियों को शालीन और पेशेवर तरीके से पेश आना चाहिए। प्रतिसार निरीक्षक को निर्देशित किया गया कि बंदी सुरक्षा में लगे सभी पुलिस कर्मियो को प्रतिदिन ड्यूटी जाने से पूर्व ब्रीफ किया जाये।
बंदी के आवागमन के लिए लगे वाहन में सीसीटीवी/जीपीएस आदि सभी उपकरण सुरक्षा व निगरानी के लगे रहे। बंदी को खाने पीने की वस्तु देने से पहले स्वयं चेक करके उसे खाने दें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति/संदिग्ध व्यक्ति से बंदी को मिलने ना दिया जाये। किसी भी प्रकार ध्रूमपान करने वाले पुलिस कर्मी की ड्यूटी बंदी सुरक्षा में ना लगायी जाये।
बंदी सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी मानक के अनुसार हथकडी व शस्त्र लेकर ही बंदी पेशी हेतु जाये।बंदी के साथ मानवता पूर्ण व्यवहार किया जाये।



