उत्तर प्रदेशवाराणसी

Varanasi : विकास के नाम पर आस्था से खिलवाड़: मणिकर्णिका घाट तोड़फोड़ के विरोध में कांग्रेस का डीएम को ज्ञापन

Shekhar pandey

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वाराणसी। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विकास के नाम पर मणिकर्णिका घाट पर लगातार धार्मिक स्थलों, देव-देवताओं की मूर्तियों और आस्था से जुड़े स्थानों को तोड़े जाने के संदर्भ मे जिलाधिकारी वाराणसी को संबोधित ज्ञापन देकर कांग्रेसजनों कड़ा विरोध दर्ज कराया। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि विकास नहीं, वाराणसी में सुनियोजित रूप से आस्था, इतिहास और संस्कृति का विनाश किया जा रहा है। काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों सनातन आस्थावानों की जीवित संस्कृति है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज उसी काशी में विकास के नाम पर सुनियोजित तरीके से विनाश किया जा रहा है।

पहले काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर सैकड़ों से अधिक मंदिरों और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को तोड़ा गया, फिर स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े प्रतीकों को हटाया गया और अब मणिकर्णिका घाट क्षेत्र में देवी-देवताओं की मूर्तियों, मंदिरों और धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुँचाया जा रहा है, जो काशी की आत्मा पर सीधा प्रहार है। मणिकर्णिका घाट सहित कई क्षेत्रों में ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जहाँ लोगों ने अपनी पूरी जिंदगी सनातन धर्म की सेवा में समर्पित कर दी, लेकिन बिना किसी मानवीय संवेदनशीलता और वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें उजाड़ा जा रहा है, यहाँ तक कि देव प्रतिमाओं को उनके मूल स्थान से हटाकर क्षतिग्रस्त किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। यह कैसा विकास है, जिसमें मंदिर टूटते हैं, मूर्तियाँ क्षतिग्रस्त होती हैं और जनता की आस्था को रौंदा जाता है।

वाराणसी की पहचान केवल कॉरिडोर और पत्थरों तक सीमित कर दी जाएगी या उसकी आत्मा, संस्कृति और धार्मिक विरासत को भी बचाया जाएगा। कांग्रेस पार्टी स्पष्ट मांग करती है कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए तत्काल एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल का गठन किया जाए, जिसमें जिला प्रशासन, स्थानीय नागरिक और कांग्रेसजन शामिल हों, ताकि वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों पर कार्यवाही हो। यदि जिला प्रशासन इस गंभीर विषय को शीघ्र संज्ञान नहीं लेता है और आस्था के साथ हो रहे खिलवाड़ को नहीं रोकता, तो कांग्रेस पार्टी काशी की जनता के साथ सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन करने को बाध्य होगी। काशी की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था की रक्षा के लिए कांग्रेस किसी भी स्तर तक संघर्ष करेगी। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व जिला अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से राघवेंद्र चौबे, फसाहत हुसैन बाबू, संजीव सिंह, डॉ राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, अशोक सिंह, दिलीप चौबे, संतोष चौरसिया, हसन मेहदी कब्बन, पीयूष श्रीवास्तव, खालिद सिद्दीकी, रामकेश यादव, संतोष मौर्य, लोकेश सिंह, मनोज वर्मा, मनू, रोहित दुबे, अरविन्द कुमार, आशिष केशरी, नरसिंह वर्मा, अब्दुल हमीद डोडे, लक्ष्मी नारायण यादव, आकाश त्रिपाठी, मो.यासीन, वंदना जायसवाल, विनीत चौबे, शशि सोनकर, योगेन्द्र प्रताप सिंह, गोपाल चौबे, मनोज पाण्डेय, किशन यादव, रामजी गुप्ता समेत सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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