डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को अमीरों का क्लब बनाने के फैसले पर कांग्रेस का विरोध, सदस्यता शुल्क वापसी की माँग

Shekhar pandey
वाराणसी। भारत की आत्मा हमेशा उसके युवाओं के पसीने से सिंचती रही है, खेतों, कारखानों और मैदानों में। खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण का माध्यम रहा है। इसी भावना से प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में डॉ सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया था ताकि इस पवित्र धरती से ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी निकलें। लेकिन अफ़सोस, आज वही कॉम्प्लेक्स जनता का खेल परिसर न रहकर, अमीरों का क्लब बन गया है। दस लाख रुपये की सदस्यता दर तय कर दी गई है, मानो अब खेल का मैदान भी बिकाऊ हो गया हो। उक्त बातें कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कही।
उन्होंने कहा कि वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र हैं बीजेपी के जनप्रतिनिधियों व प्रशासन द्वारा तय किए गए इस सदस्यता शुल्क ने खेल की आत्मा को झकझोर दिया है। जो स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जनता के टैक्स के पैसों से बना, उसे अब जनता से ही लाखों रुपये लेकर इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा रही है क्या गरीब, मध्यम वर्ग या संघर्षशील खिलाड़ी अब सिर्फ़ दूर से इन मैदानों को निहारेगा? क्या ओलंपिक पदक लाने का सपना देखने वाला बच्चा पहले बैंक बैलेंस दिखाएगा? यह खेल नहीं, बीजेपी से जुड़े गुजराती मित्रो की जेब भरने का तंत्र है। यहां प्रश्न केवल वाराणसी का नहीं, बल्कि पूरे भारत की खेल नीति पर एक धब्बा है। जब प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र ही जनता के अधिकारों पर रुपयों की दीवार खड़ी कर दे, तो यह न सिर्फ़ नैतिक विफलता है बल्कि लोकतांत्रिक जवाबदेही पर भी प्रश्नचिन्ह है।
वाराणसी प्रशासन यह नहीं भूल सकता कि सिगरा स्टेडियम का उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की भावना के प्रतीक के रूप में किया था न कि किसी व्यापारिक मंडल के लिए।आज इस निर्णय से यह संदेश जा रहा है कि देश के लिए खेलने से पहले व अपने स्वास्थ्य को सही करने के पूर्व जेब में दस लाख रुपये होने चाहिए। प्रधानमंत्री के क्षेत्र में जनता से खेल का अधिकार छीना जा रहा है। यह न सिर्फ़ खेल भावना का अपमान है बल्कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में जनता की भावनाओं के साथ विश्वासघात है। कांग्रेस पार्टी इसकी निंदा करती है और माँग करती है कि इस निर्णय को तुरंत वापस लिया जाए।



