Ghazipur : भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे तत्कालीन करंडा बीईओ रविंद्र सिंह को नोटिस, 15 दिन में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर होगी कार्यवाही

सूर्यकान्त त्रिपाठी
गाजीपुर। तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) करंडा, रवींद्र सिंह पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के मामले में अब कार्रवाई की शुरुआत हो गई है। अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) द्वारा उन्हें नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि निर्धारित समयावधि में उत्तर अस्वीकार्य पाया गया, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ज्ञात हो कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने बीईओ रवींद्र सिंह पर भ्रष्टाचार में संलिप्तता के गंभीर आरोप लगाए थे। आरोपों में महिला शिक्षिकाओं की छुट्टियों के मामलों में शासनादेश की अनदेखी करते हुए अवैध रूप से स्वीकृति आदेश जारी करने जैसी बातें सामने आई थीं। इसके बावजूद तत्कालीन बीएसए हेमंत राव द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न कर सिर्फ स्पष्टीकरण लेकर मामले को शांत करने का प्रयास किया गया।
अब जब अपर निदेशक बेसिक ने मामले को संज्ञान में लेते हुए रविंद्र सिंह से 9 बिंदुओं पर जवाब तलब किया है, तो बीएसए हेमंत राव ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए रवींद्र सिंह का स्थानांतरण भांवरकोल ब्लॉक कर दिया है।
सूत्रों की मानें तो यह स्थानांतरण एक ‘डैमेज कंट्रोल’ की रणनीति के तहत किया गया है, ताकि विभागीय लापरवाही के आरोपों से बीएसए स्वयं को अलग कर सकें। हालांकि, यह भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर क्यों बीएसए हेमंत राव ने शुरू में मामले को गंभीरता से नहीं लिया। क्या वह किसी दबाव में थे या फिर रविंद्र सिंह को संरक्षण दे रहे थे?
पूरे मामले में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अब देखना यह होगा कि रवींद्र सिंह द्वारा दिया जाने वाला जवाब कितना संतोषजनक होता है और विभागीय कार्रवाई किस दिशा में जाती है।