गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर एनडीआरएफ के जवानों ने दिया जीवनदान, सीपीआर से बचाई यात्री की जान

Shekhar pandey
गुवाहाटी। कौशल, तत्परता और मानवीय संवेदना का अनोखा उदाहरण पेश करते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने आज सुबह गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर एक यात्री की जान बचाई। कार्डियक अरेस्ट (हृदयगति रुकने) से पीड़ित उस यात्री को टीम ने समय रहते सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देकर पुनर्जीवित किया।
कोलकाता में आधिकारिक ड्यूटी से लौट रही 12वीं एनडीआरएफ बटालियन, ईटानगर की टीम ने सुबह करीब 6:40 बजे स्टेशन के वॉशरूम क्षेत्र में एक व्यक्ति को बेहोश अवस्था में देखा। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए टीम ने बिना समय गंवाए सीपीआर प्रक्रिया शुरू की — जो आपात स्थिति में रक्त प्रवाह और श्वसन को पुनः आरंभ करने की महत्वपूर्ण तकनीक है।
टीम के त्वरित और सटीक प्रयासों से यात्री ने कुछ ही देर में होश पा लिया। बाद में उसने अपने साथियों से संपर्क किया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर उसे आगे की चिकित्सीय सहायता के लिए अस्पताल पहुँचाया।

यह घटना विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह भारत सरकार द्वारा हाल ही में आयोजित सीपीआर जागरूकता सप्ताह के तुरंत बाद हुई है। यह पहल देशभर में लोगों को जीवन रक्षक तकनीक सीपीआर का प्रशिक्षण देने और हृदयाघात जैसी आपात स्थितियों में मौतों की संख्या घटाने के उद्देश्य से चलाई गई थी।
एनडीआरएफ की इस अद्भुत तत्परता ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि संकट की घड़ी में प्रशिक्षित और सजग नागरिक या रेस्क्यू कर्मी किसी की जिंदगी बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। घटना के दौरान मौजूद यात्रियों ने एनडीआरएफ कर्मियों की कार्रवाई के वीडियो और तस्वीरें भी साझा की हैं, जो उनके तकनीकी कौशल और मानवीय करुणा दोनों का प्रमाण हैं।
12वीं एनडीआरएफ बटालियन, ईटानगर
अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर और ऊपरी असम में आपदा प्रबंधन की अग्रणी इकाई के रूप में कार्यरत 12वीं एनडीआरएफ बटालियन न केवल बचाव अभियानों में दक्ष है, बल्कि आपात चिकित्सा देखभाल और आपदा न्यूनीकरण में भी विशेषज्ञता रखती है। गुवाहाटी स्टेशन की यह घटना पूर्वोत्तर क्षेत्र में उनकी तत्परता, तकनीकी दक्षता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।



