उत्तर प्रदेशवाराणसी

थाईलैंड में 21 माह तक भव्य महाकुंभ मेला, भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रसार की पहल

Shekhar Pandey

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वाराणसी।आदिनाथ फॉर इंटरनेशनल पीस (थाईलैंड) संस्था की ओर से आगामी अक्टूबर 2026 से जुलाई 2028 तक लगभग 21 महीने तक भव्य महाकुंभ मेले का आयोजन किया जा रहा है। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष एवं आदिनाथ संप्रदाय के पीठाधीश्वर डॉ कल्किराम महाराज ने बताया कि भारतीय संस्कृति से ओत प्रोत थाईलैंड की पुण्य भूमि पर पहली बार इस भव्य महाकुंभ मेला का आयोजन किया गया है। जिसके अन्तर्गत अनेक धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। डॉ कल्किराम महाराज ने बताया कि थाईलैंड मे भारतीय संस्कृति का गहरा प्रभाव है। थाईलैंड का राष्ट्रीय महाकाव्य रामकियन है जो भारतीय रामायण का थाई संस्करण है। थाई राजाओं का राज्याभिषेक हिंदू रीति से होता है और वह राम की उपाधि धारण करते हैं।थाईलैंड का राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह भगवान विष्णु का वाहन गरुड़ देव है जो की थाईलैंड का राष्ट्रीय प्रतीक माना जाता है। यहां पर भगवान गणेश, ब्रह्मा, विष्णु और इंद्र की पूजा व्यापक रूप से की जाती है। थाईलैंड की पूर्व राजधानी अयुथ्या भारत की अयोध्या से प्रेरित है। यद्यपि थाईलैंड में हिंदू अल्पसंख्यक हैं लेकिन यहां की संस्कृति पर हिंदू धर्म का प्रभाव अत्यंत गहरा और जीवंत है। थाईलैंड बौद्ध धर्मावलंबी देश है, किंतु इसके रोम रोम में भारतीय संस्कृति तथा हिंदुत्व रचा बसा है। थाईलैंड में चक्री वंश का शासन है जो कि भगवान विष्णु के चक्र से लिया गया है। वर्तमान राजा चक्री राजवंश के दसवें उत्तराधिकारी हैं इसलिए उन्हें राम दशम कहा जाता है।

डॉ कल्किराम महाराज ने बताया कि इसलिए इस पवित्र स्थान पर कुंभ मेला आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। थाईलैंड के मुख्य अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा सुवर्ण भूमि हवाई अड्डा पर समुद्र मंथन की खुबसूरत मूर्ति स्थापित है।थाईलैंड के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों पर भी समुद्र मंथन की मूर्तियां और सनातन संस्कृति के शिल्प देखे जा सकते हैं। इसी पृष्ठभूमि में अमृत कुंभ की पावन स्मृति में थाईलैंड में भव्य महाकुंभ मेला आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस माध्यम से भारत और थाईलैंड के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन संबंध और मजबूत होंगे और सनातन संस्कृति का वैश्विक स्तर पर प्रचार होगा, ऐसा संस्था का उद्देश्य है। प्रमुख कार्यक्रम ध्वजारोहण 31 अक्टूबर 2026, नगर प्रदक्षिणा, 29 जुलाई 2027 धार्मिक परिक्रमा और भव्य शोभायात्रा, पहला अमृत स्नान 2 अगस्त 2027, दूसरा अमृत स्नान 31 अगस्त 2027, तीसरा अमृत स्नान 11 सितंबर 2027, समापन समारोह, 24 जुलाई 2028 – ध्वज अवतरण और कुंभ मेले का आधिकारिक समापन संस्था के अनुसार, अमृत स्नान के दिन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं, और इस अवसर पर बड़े पैमाने पर धार्मिक विधि और स्नान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस अवधि के दौरान संत-महात्माओं के प्रवचन, कीर्तन, अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन, भारतीय और थाई सांस्कृतिक कार्यक्रम और वैश्विक स्तर पर ऑनलाइन भागीदारी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। संस्थापक अध्यक्ष कल्किराम महाराज ने कहा कि कुंभ मेला केवल धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि मानवता की एकता और वैश्विक शांति का प्रतीक है। थाईलैंड में कुंभ मेला आयोजित करके भारत-थाईलैंड सांस्कृतिक एकता का नया अध्याय शुरू होगा। इस भव्य आयोजन से थाईलैंड में आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पत्रकार वार्ता में सेंटर फॉर सनातन रिसर्च के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अभिषेक द्विवेदी, सुप्रसिद्ध उद्योगपति राजेश अग्रवाल और आदिनाथ फोर इंटरनेशनल पीस, थाईलैंड के स्थानीय प्रतिनिधि पंडित डॉ प्रकाश मिश्र उपस्थित थे।

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