Varanasi : आगामी त्यौहार को लेकर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार द्वारा मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन

Shekhar pandey
वाराणसी, निष्पक्ष काशी ।कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से गुरुवार -09.अक्टूबर को देर रात्रि पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार द्वारा पुलिस लाइन स्थित नवीन सभागार में वरुणा जोन के समस्त राजपत्रित अधिकारी, समस्त प्रभारी निरीक्षक थानाध्यक्ष एवं समस्त चौकी प्रभारियों के साथ मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। उक्त गोष्ठी में बीते माह के अपराध आंकड़ों, लंबित विवेचनाओं, अपराध अनावरण की प्रगति, मिशन शक्ति अभियान 5.0, आगामी त्योहार (धनतेरस, दीपावली, छठ पूजा आदि) के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “अपराध नियंत्रण पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।”
बैठक की शुरुआत में पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने प्रत्येक थाना प्रभारी से उनके क्षेत्र में घटित प्रमुख अपराधों, उनकी विवेचना की स्थिति तथा अपराधियों की गिरफ्तारी के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि अपराध रोकथाम के लिए बीट प्रणाली को सशक्त किया जाए और गश्त व्यवस्था को नियमित रखा जाए ताकि क्षेत्र में पुलिस की उपस्थिति स्पष्ट रूप से महसूस हो। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक थाना प्रभारी अपने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों, भूमाफियाओं तथा असामाजिक तत्वों की सूची तैयार करें और उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखें। उप निरीक्षकों/विवेचकों द्वारा प्रचलित विवेचनाओं के निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए मुकदमों को उनके गुण-दोष के आधार पर निष्पक्ष, त्वरित निस्तारण करने एवं वादी के हितों का ध्यान रखते हुए मुकदमे में नियमनुसार कार्यवाही करने का संबंधित को निर्देश दिया गया। इसी क्रम में मुकदमो के समस्त प्रभारी निरीक्षक व उप निरीक्षकों/विवेचकों से उनकी राय भी ली गयी। इसके अतिरिक्त जो भी उपनिरीक्षक निरोधात्मक कार्यवाही में रुचि नहीं ले रहे हैं उन्हें भी सचेत किया गया। पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने स्पष्ट कहा कि थाना क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों, शराब व नशीले पदार्थों के तस्करों तथा जुआ-सट्टा, ऑनलाइन लॉटरी चलाने वालों पर निरंतर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर पैनी निगरानी रखी जाए तथा बीट पुलिसिंग व्यवस्था को और सशक्त बनाया जाए ताकि किसी भी घटना की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचे। पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने अपराध समीक्षा गोष्ठी में उपस्थित समस्त प्रभारी निरीक्षकों थानाध्यक्षों व उप निरीक्षकों को निर्देशित किया कि “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत नियमित रूप से चौराहे तिराहे पर चेकिंग करके अपराधियों के संचरण पर रोक लगाने सहित अन्य अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों का भौतिक सत्यापन किया जाए साथ ही अवैध शराब, गांजा, स्मैक और अन्य मादक पदार्थों की बिक्री या तस्करी में लिप्त लोगों पर गैंगस्टर एक्ट एवं एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने आई.जी. आर.एस (Integrated Grievance Redressal System) तथा सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों और प्रार्थना पत्रों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए।
उन्होंने कहा कि “शिकायतों का समय पर समाधान जनता के विश्वास को बढ़ाता है और पुलिस-जनसंपर्क को मजबूत करता है।
थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लें, तथ्यात्मक जांच करें और वास्तविक पीडित को न्याय दिलाने की दिशा में तत्पर रहें। साथ ही लंबित प्रार्थना पत्रों की अद्यतन स्थिति प्रतिदिन की रिपोर्ट में अंकित की जाए साथ ही नियमित फीडबैक लेने हेतु भी निर्देशित किया गया। उच्च न्यायालय के लंबित जमानत प्रार्थना पत्रों/बेल कमेंट्स तथा प्रति शपथ पत्रों, लंबित शिकायती प्रार्थना पत्रों को निर्धारित समयावधि में निस्तारण करने हेतु निर्देशित किया गया।
पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए “मिशन शक्ति अभियान-5.0” के तहत चल रहे विशेष कार्यक्रम/जागरूकता अभियानों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी थानों में स्थापित मिशन शक्ति केंद्र को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा शिकायत लेकर आने वाली प्रत्येक महिला के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि स्कूलों, कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों और स्वयं सहायता समूहों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ, जिनमें बालिकाओं और महिलाओं कोसाइबर सुरक्षा, हेल्पलाइन नंबरों (1090, 112, 181), उ0प्र0 सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी योजनाओं और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जाए। “मिशन शक्ति अभियान-5.0” के तहत महिलाओं की सुरक्षा हेतु पुलिस बल की नियमित गश्त और महिला बीट पेट्रोलिंग टीमों को भी सक्रिय बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में आगामी त्योहार धनतेरस, दीपावली और छठ पूजा के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियों पर चर्चा हुई। पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने कहा कि त्योहारों के दौरान शहर में भारी भीड़ रहती है, ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु क्षेत्र के सभी सर्राफा व्यवसायी व बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों की भौतिक रूप से चेकिंग कर सुरक्षा के संबंध में व्यवसायियों की गोष्ठी आयोजित की जाए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि बाजारों, ज्वैलरी मार्केट, सर्राफा गलियों और प्रमुख चौक-चौराहों पर पैदल गश्त बढ़ाई जाए ।
संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की जाए और सी०सी०टी०वी० कैमरों की कार्यशीलता की पूर्व जांच सुनिश्चित की जाए। पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए कि दीपावली के मद्देनज़र किसी भी थाना क्षेत्र में अवैध पटाखों का निर्माण, बिक्री या भंडारण किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए।
उन्होंने समस्त थाना प्रभारियों व चौकी प्रभारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में गोदामों, दुकानों और रिहायशी इलाकों की गहन जांच करें। जिन स्थानों पर बिना लाइसेंस के पटाखों का भंडारण या विक्रय पाया जाए, वहां तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि “पटाखों के अनियंत्रित भंडारण से न केवल जनहानि की संभावना रहती है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी है। अतः इस संबंध में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।”त्योहारों के समय अफवाह फैलाने या गलत सूचना प्रसारित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सतर्क निगरानी रखने को कहा गया। यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि भीडभाड वाले क्षेत्रों में उचित पार्किंग व्यवस्था कराई जाए और जाम की स्थिति न बनने दी जाए। सभी पुलिसकर्मी संयम, संवेदनशीलता और शालीनता के साथ ड्यूटी करें ताकि जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।गोष्ठी में रात्रि गश्त, बीट प्रणाली और तैनाती व्यवस्था पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने कहा कि अपराधों की रोकथाम के लिए नियमित गश्त आवश्यक है। प्रत्येक अधिकारी को अपने बीट क्षेत्र के हालात की पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने कहा कि “अपराध नियंत्रण तभी संभव है जब जनता और पुलिस के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत हो।” उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र के व्यापारी संगठनों, मोहल्ला समितियों और सामाजिक संस्थाओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखें।
उन्होंने “पुलिस मित्र” योजना को पुनः सक्रिय करने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय नागरिक किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दे सकें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के बिना अपराधों की रोकथाम अधूरी है, इसलिए जनता के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने कहा कि जिन थाना क्षेत्रों में अपराध दर अधिक पाई गई हैं, वहां के प्रभारियों से जवाबदेही तय की जाएगी। किसी भी स्तर पर शिथिलता, उदासीनता या कार्य में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि लंबित विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए व गुणवत्तापूर्ण विवेचना के माध्यम से अपराधियों को मा० न्यायालय से सजा दिलाने के प्रयास भी किए जाएं। उक्त मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी के दौरान अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन सहायक पुलिस आयुक्त कैण्ट, सारनाथ व रोहनिया तथा वरुणा जोन के समस्त थाना प्रभारी व चौकी प्रभारी मौजूद रहे।



