उत्तर प्रदेशवाराणसी

Varanasi : श्री सुमेरुपीठ आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर हुआ गुरु पूजन, जगदगुरु नरेंद्रानंद सरस्वती बोले– “गुरु-शिष्य का अटूट बंधन ही सनातन की नींव

Shekhar pandey

Advertisements

वाराणसी। श्री सुमेरुपीठ के जगदगुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के रोहनिया स्थित आश्रम में देश, विदेश से आये शिष्यों ने श्री गुरु चरण का पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर जगदगुरु महाराज ने कहा कि सनातन पर्व गुरू पूर्णिमा का मतलब होता है गुरु और शिष्य का अटूट बँधन। गुरु स्वयं के ज्ञान द्वारा शिष्य के अँदर के अज्ञान को मिटाकर भगवत प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। एक आदर्श एवं सच्चे गुरु का कर्तव्य है कि है कि वह अपने शिष्य के उत्थान के लिए हमेशा प्रयासरत रहे तथा शिष्य को भी चाहिए कि गुरु के प्रति समर्पण भाव रखकर ज्ञान प्राप्त करें तभी इस पर्व का महत्व है। इस अवसर पर आश्रम में आए भक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था जिसमें हजारों की संख्या मे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर गुरु कृपा के भागी बने।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button