Varanasi : सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस में डॉ. काशीनाथ मिश्र ने सुनाया कलयुग से सतयुग का संदेश

Shekhar pandey
वाराणसी। दिनांक 26 अगस्त, आध्यात्मिक संस्था सुधर्मा महा महा संघ काशी वाराणसी मंडल द्वारा पंचायती बाग, भारत मिलाप मैदान, नाटी इमली में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा स्थल आगमन पर कथावाचक पूज्य डॉ पंडित काशीनाथ मिश्र का शंखनाद एवं पंचरंगी ध्वज फहराकर भक्तिभाव भव्य स्वागत किया गया।
कथा में डॉ मिश्र ने कलयुग के अंत और सत्ययुग के आगमन का उद्घोष के बाद भगवान राम अवतार और बुद्ध अवतार के कथा का प्रसंगों सुन श्रद्बालुजन भावविभोर हो उठे। भगवान कल्कि अवतार का स्पष्ट वर्णन करते हुए डॉ मिश्र ने पांचसखाओं की भविष्यवाणियों का उल्लेख किया और भविष्य मालिका पुराण की सत्य होती भविष्यवाणी साझा की।
उन्होंने कलयुग से सतयुग की ओर जाने का मार्ग केवल ‘माधव नाम’ और ‘त्रिसंध्या धारा’ बताया। कथा स्थल त्रिसंध्या, संकीर्तन एवं भागवत पाठ से गूंजायमान हो अलौकिक वातावरण में परिवर्तित हो गया। इस दिव्य अवसर पर हिमालय से पधारी साध्वी यशोदा गिरिजा मां, वृंदावन से संत मधु बिहारी दास, अयोध्या से जटापाल बाबा एवं उज्जैन से राधा चरण दास आदि संत-महात्माओं ने भगवान श्री जगन्नाथ जी के चित्र पर पुष्प किया।