Varanasi : अनिल राजभर के बयान पर कांग्रेस का हमला, राघवेंद्र चौबे बोले- भाजपा की मजबूरी नहीं, मजदूरी है

Shekhar pandey
वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री, भाजपा नेता अनिल राजभर के राहुल गांधी और पूरे गांधी परिवार पर किए गए व्यक्तिगत प्रहार ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। कांग्रेस ने इसे न केवल लोकतांत्रिक मर्यादा का हनन बताया है, बल्कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों की बौखलाहट और मजबूरी की राजनीति का उदाहरण करार दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सत्ता परिवर्तन के बाद समाजवादी पार्टी का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अनिल राजभर को सत्ता के सुख का इतना मोह है कि वे अपने राजनीतिक अतीत और मर्यादाओं तक को भूल बैठे हैं। यही कारण है कि अब वे भाजपा की खुशामद करने के लिए गांधी परिवार जैसे बलिदानी परिवार पर कीचड़ उछालने मे लगे हैं।
महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि यह भूलना राजभर की राजनीतिक भूल नहीं, बल्कि सोच की गिरावट है। यह वही कांग्रेस है जिसने इस देश को स्वतंत्रता दिलाई, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी दी। अगर गांधी-नेहरू परिवार के बलिदान न होते, तो राजभर जैसे नेता सत्ता की गोदी में बैठकर ऐसे बयान देने का साहस भी नहीं जुटा पाते। उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी से लेकर विभाजन की पीड़ा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और भारत की लोकतांत्रिक परंपरा, हर मोर्चे पर गांधी परिवार ने अपने प्राणों का बलिदान दिया।
राघवेंद्र चौबे ने कहा कि अनिल राजभर का यह बयान भाजपा के साथ उनकी मजबूरी नहीं, मजदूरी है। सत्ता पर टिके रहने के लिए गांधी परिवार को अपमानित करना उनकी राजनीतिक रोज़ी-रोटी बन चुका है। भाजपा और उसके सहयोगी दल बेरोज़गारी, महँगाई, किसानों की दुर्दशा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से जनता को ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर व्यक्तिगत कटाक्षों और अपमान की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं। जनता अब सब देख रही है और समय आने पर भाजपा व उसके सहयोगियों को जनता के फैसले का सामना करना ही पड़ेगा।



