Varanasi : मर्यादा त्याग और आचरण से ही समाज को सही दिशा मिलती है : कृष्णा नन्द पांडेय

Shekhar pandey
वाराणसी , निष्पक्ष काशी । धरोहर संरक्षण सेवा संगठन द्वारा निरन्तर चल रहे संस्कृति संवाद यात्रा के (44 वें पड़ाव) का आयोजन बड़ागांव स्थित इंटर कॉलेज में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान जी के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प लेकर हुआ। मुख्य वक्ता कृष्णा नन्द पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि सनातन ही मानवता है और मानवता ही सनातन का मूल है। उन्होंने कहा कि अगर हम जल, जंगल और पहाड़ की रक्षा करेंगे तभी सनातन धर्म भी सुरक्षित रहेगा। श्री पाण्डेय ने भगवान राम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि मर्यादा, त्याग और आचरण से ही समाज को सही दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि हमें धरोहर और संस्कृति को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करना होगा। अगर यह नहीं हुआ तो भविष्य की पीढ़ियां हमसे पूछेंगी कि हमने उनके लिए क्या छोड़ा।
केसरिया भारत के प्रदेश अध्यक्ष गौरीश सिंह ने कहा कि आज सबसे बड़ी चुनौती कट्टरपंथी ताकतें हैं, जो धर्मांतरण करवा रही हैं और हिन्दू युवतियों को निशाना बनाकर शादी कर रही हैं। यह समाज और संस्कृति के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि अगर हम बंटेंगे तो कटेंगे, इसलिए आवश्यक है कि हम सब एकजुट रहें। एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। गौरी सिंह ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी संस्कृति, परंपराओं और धरोहर की रक्षा के लिए जागरूक रहें और समाज को संगठित करें।कार्यक्रम में आशीष कुमार गुप्ता, देवाशीष मिश्रा, रवि सिंह, रितुराज त्रिपाठी, वैभव चौबे, कुश सरोज, प्रशांत त्रिपाठी, आनंद मिश्रा, शिवम सिंह, विवेक उपाध्याय, रजत कुमार वर्मा, अनिल कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने संकल्प लिया कि धरोहर और संस्कृति की रक्षा के लिए जन-जागरूकता अभियान निरंतर चलाया जाएगा व समाज को जोड़ने का काम किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन अतुल तिवारी ने व संचालन डा. पीयूष मिश्र ने किया, कार्यक्रम का समापन सामूहिक श्री हनुमान चालीसा पाठ से हुआ।



