Varanasi : चेतगंज रामलीला समिति ने नक्कटैया मेले की दुर्व्यवस्थाओं पर जताई नाराज़गी, प्रशासन से सुधार की माँग

Shekhar pandey
वाराणसी। काशी नगरी में श्री चेतगंज रामलीला समिति की लक्खा मेलों में शुमार नक्कटैया “करवाचौथ” के पावन पर्व पर 10 अक्टूबर, शुक्रवार को होगा। इस वर्ष नक्कटैया का यह 139वां वर्ष है। बावजूद इसके अभी तक नक्कटैया मेला क्षेत्र की मुख्य सड़के लहुराबीर चौराहे से बेनियाबाग तिराहे तक, वन्दना होटल से चेतगंज हनुमान मंदिर, चेतगंज चौराहा से पानदरीबा रोड नक्कटैया जुलूस के चलने लायक नहीं है। चूंकि यह मेला सड़कों और गलियों का है मेला क्षेत्र की सभी गलियां खोदकर छोड़ दी गयी है जिससे दर्शनार्थियों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होगी। इसके पूर्व जिला प्रशासन, नगर निगम के अधिकारीगण रामलीला समिति के पदाधिकारियों के साथ मेला क्षेत्र का भ्रमण करके मेला क्षेत्र में व्याप्त दुर्व्यवस्थाओं का अवलोकन करके उक्त समस्याओं का समाधान कर देते थे, किन्तु इस बार आज तक ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। उक्त बातें रामलीला समिति के पदाधिकारीयों ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहीं।
उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में ग्रामीण अंचलों से हजारों-हजार की संख्या में लोग आते है, मेला क्षेत्र में स्ट्रीट लाईट, पानी टैंकर, जनरेटर की व्यवस्था, जल संस्थान व नगर निगम द्वारा हर वर्ष होती है। स्व बाबा फतेहराम द्वारा अग्रेजों के अत्याचार से उबकर लाग विमान, स्वांग इत्यादि के माध्यम से अंग्रेजों द्वारा किये जा रहे अत्याचार को नक्कटैया के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिये इस मेले को आरम्भ किया था। मलदहिया पटेल चौराहा, पिशाचमोचन, थाना चेतगंज, लहुराबीर, कबीर रोड, चाउर छटवा रोड, बाग बरियार सिंह, चेतगंज चौराहा, बेनियाबाग तिराहा आदि क्षेत्र मेला क्षेत्र में आते है।
विद्युत विभाग से आग्रह है कि मेला क्षेत्र को रात्रिकालीन बिजली कटौती से मुक्त रखा जाये। समिति ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह की है कि लक्खा मेलों में शुमार विश्व प्रसिद्ध चेतगंज नक्कटैया के लिये अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए उसे अपने संसदीय कोष से अनुदान राशि प्रदान करने की कृपा करें तथा रामलीला स्थलों को “हृदय योजना के तहत उसका जीर्णोद्धार व सुन्दरीकरण कराने की भी कृपा करे।पत्रकार वार्ता मेअजय गुप्ता “बच्चू” अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेन्द्र गिरी महाराज, अजय सिंह बोबी, राजू यादव, रमेश दत्त पाण्डेय, रजत श्रीवास्तव, आशु श्रीवास्तव, प्रदीपकुमार कन्नौनिया सहित कई अन्य मौजूद रहे।



