Varanasi News: विद्यापीठ के कुलपति ने किया आठ दिवसीय अभिमुखी एवं जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन

वाराणसी। मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र, शिक्षा शास्त्र विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ द्वारा आयोजित आठ दिवसीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020: अभिमुखी एवं जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन सोमवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने किया। इस मौके पर प्रो. त्यागी ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उच्च शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों एवं शोधार्थियों के क्षमता विकास एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 संबंधी बेहतर समझ एवं जागरूकता विकसित करने हेतु आयोजित है। यह भारत सरकार के निर्देश पर यूजीसी द्वारा संचालित मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत शिक्षाशास्त्र विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
स्वागत भाषण देते हुए केंद्र के निर्देशक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र राम ने बताया कि काशी विद्यापीठ का सौभाग्य है कि उसे यह कार्यक्रम प्राप्त हुआ है। यह शिक्षकों एवं शोधार्थियों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण, आवश्यक कौशल एवं जागरूकता विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से पूरे देश से प्रतिभागियों का चयन किया गया है, जिसमें कुल 200 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। विषय विशेषज्ञों का चयन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्मित सूची से किया गया है। प्रथम दिन के प्रथम सत्र के विशेषज्ञ के रूप में अपना व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली के शिक्षा शास्त्र विभाग के प्रोफेसर कौशल किशोर ने प्रतिभागियों को उपयुक्त दृष्टांत एवं उदाहरण के माध्यम से बहुविषयक उपागम तथा समग्र शिक्षा पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा यह प्रावधान विद्यार्थियों को स्वायत्तता प्रदान करता है, जिससे वे स्वतंत्र होकर बिना किसी बाधा के अपनी शिक्षा को अनवरत जारी कर रख सकते हैं। द्वितीय सत्र में अपना व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए इग्नू की प्रो. सरोज पांडेय ने पीपीटी के माध्यम से प्रतिभागियों को मल्टीडिसीप्लिनरी एंड हॉलिस्टिक एजुकेशन को विस्तारपूर्वक समझाया । कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक प्रो. रमाकांत सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राजेंद्र यादव व डॉ. दिनेश कुमार ने किया। तकनीकी सहयोग विभाग के राकेश कुमार ने प्रदान किया तथा ऑनलाइन कार्यक्रम का नियोजन एवं नियंत्रण शोधार्थी विनय सिंह ने किया। इस अवसर पर भारतवर्ष के कोने-कोने से विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों तथा शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया।



