Varanasi : स्वघोषित संगठन के उत्पीड़न के खिलाफ मां गंगे नवयुवक केवट निषाद मल्लाह समिति का धरना-प्रदर्शन

Shekhar pandey
वाराणसी। मां गंगे नवयुवक केवट निषाद मल्लाह समिति द्वारा तेलियानाला, सक्का घाट स्थित पार्क में उत्पीड़न के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर धरना, प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष नंद किशोर केवट ने बताया कि कई पीढियों से परंपरा तरीके से नौका संचालन से ही हम सभी अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। विगत महीनो से माँ गंगा निषाद राज सेवा न्यास संगठन के स्वघोषित अध्यक्ष प्रमोद मांझी निवासी शिवाला घाट, अपने दबंगई और गुंडई के बल पर हम सभी लोगों को आये दिन घाट छोड़ने की धमकी दे रहें हैं और हम लोगों के खिलाफ निराधार आरोप लगाकर शासन, प्रशासन को गुमराह करने का काम कर रहें हैं।
हम सैकड़ों परिवार घाट पर केवट नाम से जानें जाते हैं जो कि मांझी, मल्लाह, नाविक, निषाद, मझवार, बिंद आदि स्वजातीय ही हैं लेकिन प्रमोद मांझी का कहना है कि केवट का काम नाव चलाना नहीं है, तुम लोग हम मांझियों के नावों पर मजदुरी करो। रामायण, महाभारत में भी केवट का जिक्र है और अनादि काल से हमारी परंपरा लोगों को नदी पार कराने की रहीं हैं। यह लोग हमारे समाज को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मै प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मां गंगा के निर्मलीकरण के विषय में संवाद भी कर चुका हुं, चाहे घाट की सफाई हो, या कोई त्यौहार हम सभी समिति के लोगों द्वारा शासन-प्रशासन के साथ मिलकर यात्रियों की सेवा में सदैव तत्पर रहते हैं।
प्रशासन से हमारी मांग है कि प्रमोद मांझी एवं उनके सहयोगी लोगों के दबंगई एवं उत्पीड़न से बचाया जाए, जिससे सैकड़ो केवट परिवार निर्भीक होकर नाव संचालन कर अपने परिवार का भरण पोषण कर सके। धरना देने वालों में अध्यक्ष नंदकिशोर केवट, उपाध्यक्ष जितेंद्र केवट, महामंत्री सर्वजीत केवट, आजाद केवट, सूरज केवट, शंभू प्रसाद केवट, जितेंद्र कुमार केवट, भोलू केवट, प्रदीप कुमार, शिवम कुमार, रामधनी केवट, अजय कुमार केवट, रविंद्र केवट, शिव धनी केवट, नत्थू केवट आदि लोग उपस्थित थे।



