श्री अग्रसेन कन्या पी.जी. कॉलेज: स्वर्ण जयंती वर्ष पर भूमि पूजन सम्पन्न, दीक्षांत समारोह 20 नवम्बर को

वाराणसी, 17 नवम्बर: श्री अग्रसेन कन्या पी.जी. कॉलेज, वाराणसी ने अपने स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित दीक्षांत समारोह की तैयारी का शुभारंभ आज भूमि पूजन के साथ किया। परमांनदपुर परिसर में आयोजित इस पूजा कार्यक्रम में कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री अरुण कुमार अग्रवाल ‘रुद्रा’, प्रबंधक डॉ. मधु अग्रवाल और प्राचार्य प्रो. मिथिलेश सिंह ने विधिवत पूजन संपन्न किया।
20 नवम्बर को होगा भव्य दीक्षांत समारोह
आगामी 20 नवम्बर को कॉलेज के परमांनदपुर परिसर में दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा।
मुख्य अतिथि: उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेंद्र उपाध्याय।
विशिष्ट अतिथि:
- प्रो. बिहारीलाल शर्मा (कुलपति, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय)
- प्रो. पी.एन. सिंह (निदेशक, आईयूसीटीई, बीएचयू)
- डॉ. अमित भारद्वाज (निदेशक, उच्च शिक्षा)
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति की अनुपस्थिति में प्रो. अशोक कुमार मिश्रा (संकायाध्यक्ष, वाणिज्य एवं प्रबंधन) समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
डिग्री और पदक वितरण
इस दीक्षांत समारोह में सत्र 2019-20 से 2022-23 तक की छात्राओं को डिग्री प्रदान की जाएगी। कुल 173 छात्राओं को पदक से सम्मानित किया जाएगा, जिसमें 70 स्वर्ण पदक शामिल हैं।
सांस्कृतिक संध्या ‘अनुगूंज’
अपराह्न 3 बजे से सांस्कृतिक संध्या ‘अनुगूंज’ का आयोजन होगा, जो प्रख्यात लोक गायिका शारदा सिन्हा को समर्पित है।
मुख्य अतिथि: पद्मश्री राजेश्वर आचार्य (प्रसिद्ध संगीतज्ञ)
विशिष्ट अतिथि:
- पद्मश्री शिवनाथ मिश्र (सितारवादक)
- डॉ. निशी गुप्ता (शास्त्रीय गायिका)
लॉ कॉलेज की स्थापना की योजना
भूमि पूजन के दौरान कॉलेज परिसर में लॉ कॉलेज की स्थापना की योजना पर भी चर्चा हुई। प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री अरुण कुमार अग्रवाल ने आश्वासन दिया कि लॉ कॉलेज की स्थापना के लिए आवश्यक कदम त्वरित उठाए जाएंगे।
भूमि पूजन में प्रमुख हस्तियां
भूमि पूजन कार्यक्रम में अग्रवाल समाज के सभापति श्री संतोष कुमार अग्रवाल ‘हरेकृष्ण’, प्रधानमंत्री संतोष कुमार अग्रवाल ‘कर्णघंटा’, सहायक मंत्री डॉ. रुबी साह, कोषाध्यक्ष श्री गौरव अग्रवाल, श्री पंकज कुमार अग्रवाल ब्रह्मघाट, महाविद्यालय के समस्त प्रवक्तागण और कर्मचारी शामिल हुए।
स्वर्ण जयंती वर्ष का यह आयोजन महाविद्यालय के गौरवशाली इतिहास और भविष्य की योजनाओं का प्रतीक है।



