उत्तर प्रदेशवाराणसी

Varanasi : श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित मां अन्नपूर्णा मंदिर से श्रद्धालुओं पर धनवर्षा का दिव्य आयोजन

Shekhar pandey

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वाराणसी, निष्पक्ष काशी । श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित प्राचीन पौराणिक मां अन्नपूर्णा के मंदिर से धनत्रयोदशी दिनांक 18 अक्टूबर शनिवार से प्रारंभ हो कर धनवर्षा प्रसाद अन्नकूट 22 अक्टूबर तक निरंतर सनातन श्रद्धालुओं को वितरित किया जाएगा। मंदिर न्यास के अनुसार प्राचीन पौराणिक मां अन्नपूर्णा का स्थान काशी खण्ड के भगवान विश्वनाथ के ईशान कोण में है। प्राचीन पौराणिक मां अन्नपूर्णा का मूल विग्रह स्वर्ण धातु से निर्मित है जो औपनिवेशिक काल में मूर्ति तस्करों द्वारा चोरी कर लिया गया था। प्राचीन पौराणिक मां अन्नपूर्णा का यह मूल स्वर्ण विग्रह कनाडा के एक संग्रहालय में लगभग 108 वर्षों तक संरक्षित रहा ।

प्राचीन पौराणिक मां अन्नपूर्णा के मूल प्राचीन स्वर्ण विग्रह की पहचान भारत एवं कनाडा के विश्वविद्यालयों के संयुक्त प्रयास से सुनिश्चित हो सकी। प्राचीन पौराणिक मां अन्नपूर्णा का यह प्राचीन स्वर्ण विग्रह नवंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयास से वापस भारत लाया गया। प्राचीन पौराणिक मां अन्नपूर्णा का यह मूल स्वर्ण विग्रह शास्त्रीय रीति से वर्ष 2021 में पुनः श्री काशी विश्वनाथ जी के ईशान कोण में स्थापित किया गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा इस आयोजन में यजमान का दायित्व निर्वाह किया गया था। इस मूल मंदिर में मां अन्नपूर्णा के मूल स्वर्ण विग्रह के साथ ही एक मानवाकार रजत मंडित प्रस्तर प्रतिमा भी मंदिर में स्थापित थी।प्राचीन पौराणिक मां अन्नपूर्णा का वैभव एवं भव्यता का नया अध्याय वर्ष 2025 में प्रारंभ हुआ जब मां का मंदिर एवं मानवाकार प्रतिमा ने स्वर्ण मंडित स्वरूप ग्रहण किया।

प्राचीन पौराणिक मां अन्नपूर्णा का मूल स्वर्ण विग्रह एवं नव स्वर्ण मंडित मानवाकार विग्रह अब शिखर से आधार तक पूर्णतः स्वर्ण मंडित मंदिर में स्थापित है। प्राचीन पौराणिक मां अन्नपूर्णा का यह नवीन स्वर्ण आच्छादित स्वरूप इस धनतेरस दीपावली पर श्रद्धालुओं के लिए काशी का सब से बड़ा धार्मिक आध्यात्मिक आकर्षण बिंदु है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में भगवान विश्वनाथ के ईशान कोण में विराजमान प्राचीन पौराणिक मां अन्नपूर्णा के मंदिर से लावा प्रसाद के साथ सिक्कों के रूप में धन वर्षा की जा रही है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा किए गए इस प्रबंध के अंतर्गत धनत्रयोदशी दिनांक 18 अक्टूबर से प्रारंभ हो कर यह धनवर्षा प्रसाद अन्नकूट 22 अक्टूबर की शयन आरती तक निरंतर श्रद्धालुओं को समृद्ध करता रहेगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास समस्त श्रद्धालुओं के धन धान्य समृद्धि शक्ति वैभव में निरंतर वृद्धि की कामना करता है।

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