शिक्षकों की मांगों को लेकर डीआईओएस कार्यालय पर धरना, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

Shekhar Pandey
वाराणसी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय, वाराणसी परिसर में शिक्षकों ने विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष शरफुद्दीन ने की। यह धरना प्रदेशीय नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित किया गया।

धरने को संबोधित करते हुए संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र ने सरकार पर शिक्षकों की मांगों के प्रति उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद शिक्षकों को सेवा सुरक्षा के रूप में चयन बोर्ड अधिनियम की धारा 21 प्राप्त हुई थी, जिसे शिक्षा आयोग बनाकर समाप्त कर दिया गया। इसी तरह धारा 18 को समाप्त करना भी सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि सत्ता में आने से पहले वादा करने के बावजूद अब इसे लागू नहीं किया जा रहा है। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में पारदर्शिता और सुरक्षा की कमी के कारण शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
वक्ताओं ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के बकाया भुगतान में देरी, वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के मानदेय, चिकित्सा सुविधाओं के अभाव और विनियमितीकरण जैसे मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि कैशलैस चिकित्सा सुविधा की घोषणा के बावजूद अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है, जिससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
धरने को मंडलीय अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विनोद शंकर पांडेय, माया शंकर यादव, पूर्व अध्यक्ष गिरिजेश तिवारी, आईटी सेल सदस्य शिवेंद्र कुमार दुबे, कोषाध्यक्ष कमलेश कुमार, आय-व्यय निरीक्षक डॉ. राजेश राय, डॉ. गोविंद नारायण सिंह, डॉ. अरुण कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम के अंत में जिला विद्यालय निरीक्षक, वाराणसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को 31 सूत्रीय मांग पत्र का ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही जनपद स्तर की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी डीआईओएस को दिया गया। धरने का संचालन जिला मंत्री अखिलेश कुमार पांडेय ने किया।
धरने में जयशंकर मुबे, सुशील कुमार सिंह, बसंत कुमार सिंह, मनोज कुमार, राजेश श्रीवास्तव, विनय कुमार सिंह, जयप्रकाश शर्मा, जयवंत राय, डॉ. निर्भय नारायण राय, अरविंद राय, रविकांत मिश्रा, राजेश यादव, विजय नारायण सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।











