Varanasi : काशी में संत नरहरी दास की प्रतिमा व प्रवेश द्वार निर्माण की मांग तेज

Shekhar Pandey
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी मे स्वर्णकार समाज ने महान संत और सनातन धर्म के प्रेरणास्त्रोत संत नरहरी दास की प्रतिमा एवं प्रवेश द्वार निर्माण की मांग की। स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधियों ने स्थानीय प्रशासन को भेजे गए आग्रह पत्र में उल्लेख किया कि संत नरहरी दास, रामानंदाचार्य के द्वादश शिष्य थे और काशी में ही गोस्वामी तुलसीदास से उनकी ऐतिहासिक भेंट हुई थी। तुलसीदास द्वारा रामचरित मानस की रचना का संकल्प भी संत नरहरी दास की प्रेरणा का प्रतिफल था।
स्वर्णकार समाज प्रतिनिधि के अनुसार वाराणसी विश्व प्रसिद्ध आभूषण निर्माण केंद्र है, जहाँ चौक क्षेत्र सोना–चांदी व्यवसाय का प्रमुख केंद्र और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए संत नरहरी दास की प्रतिमा और भव्य प्रवेश द्वार निर्माण के लिए यही स्थान सर्वाधिक उपयुक्त है। इससे न केवल संत की महिमा का प्रसार होगा बल्कि कारीगर समुदाय को भी गौरव का अनुभव मिलेगा। इसी मांग को लेकर गोविंदपुरा में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में मुख्य रूप से सत्यनारायण सेठ, विष्णु दयाल सेठ, सरिता सर्राफ, युवा समाजसेवी शुभम सेठ गोलू सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।



