काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव की 72वीं दिव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

Shekhar pandey
हर-हर महादेव और बाबा काल भैरव के जयघोष से गूंज उठी काशी, स्वर्णिम रथ पर विराजमान पंचबदन प्रतिमा के भक्तों ने किए दर्शन
वाराणसी। विश्व शांति, राष्ट्र कल्याण और जनमंगल की कामना के साथ काशी के कोतवाल बाबा श्री काल भैरव की 72वीं भव्य दिव्य शोभायात्रा गुरुवार को धार्मिक उल्लास और श्रद्धा के साथ निकाली गई। स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी, वाराणसी द्वारा आयोजित शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भीषण गर्मी के बावजूद भक्तों का उत्साह देखते ही बना। श्रद्धालु मार्गभर ताड़ के पंखे डोलाते हुए बाबा की भक्ति में लीन नजर आए।
चौखंभा स्थित काठ की हवेली से वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और डमरुओं की गूंज के बीच शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। कमेटी के अध्यक्ष घनश्याम सेठ ‘बच्चा’, महामंत्री राजू वर्मा, कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह, शोभायात्रा मंत्री जनार्दन वर्मा सहित पदाधिकारियों ने बाबा की विधिवत आरती उतारकर शोभायात्रा को रवाना किया।
स्वर्ण-रजत पंचबदन प्रतिमा को भव्य स्वर्णिम रथ पर विराजमान किया गया था। जैसे ही रथ आगे बढ़ा, पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ और ‘बाबा काल भैरव की जय’ के जयघोष से गूंज उठा। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं की ओर से पुष्पवर्षा, आरती और शीतल पेय की व्यवस्था कर बाबा का स्वागत किया गया।
शोभायात्रा में धर्मध्वजाओं के साथ श्रद्धालु, ताशा-बाजा, पाइप बैंड, 11 छत्रधारी अश्वों पर सवार देवस्वरूप, धार्मिक झांकियां और सजीव झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। भगवान राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, मां काली, मां दुर्गा और श्री हनुमान के स्वरूपों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। माता वैष्णो देवी और गोविंदेश्वर महादेव की झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही। डमरुओं की गूंज और शहनाई की मधुर धुनों ने वातावरण को शिवमय बना दिया।
शोभायात्रा में कमेटी के संस्थापक स्वर्गीय किशुनदास जी और स्वर्गीय भिखू सेठ जी की सुसज्जित झांकी श्रद्धांजलि स्वरूप शामिल रही। मार्गभर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कमेटी के पदाधिकारी पारंपरिक केसरिया पगड़ी धारण कर शोभायात्रा का नेतृत्व कर रहे थे।
शोभायात्रा चौखंभा, बीबीहटिया, जतनबर, विशेश्वरगंज, महामृत्युंजय, दारानगर, मैदागिन, बुलानाला, चौक, नारियल बाजार, गोविंदपुरा, ठठेरी बाजार, सोराकुआं और गोलघर होते हुए श्री काल भैरव मंदिर पहुंची। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा की महाआरती की गई और प्रतिमा को पुनः मंदिर में प्रतिष्ठित किया गया।
सायंकाल श्रीराम मंदिर में पंडित जय कृष्ण दीक्षित के आचार्यत्व में 11 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा बसंत पूजन और विशेष वैदिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। रात्रि महाआरती तक हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।
मीडिया संयोजक डॉ. कैलाश सिंह विकास एवं किशोर कुमार सेठ ने कहा कि बाबा काल भैरव की यह शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक चेतना और लोककल्याण का विराट उत्सव है। शोभायात्रा के माध्यम से विश्व शांति, भारत की उन्नति, समाज की समृद्धि और प्रत्येक परिवार के सुख-समृद्धि की मंगलकामना की गई।
जनप्रतिनिधि और विशिष्ट जन रहे मौजूद
कार्यक्रम में आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, पार्षद संजय विश्वंभरी, मनोज यादव, कनकलता मिश्रा तथा पूर्व पार्षद बृजकिशोर दास, रविशंकर सिंह, अशोक सेठ, किशोर सेठ, मनोज सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों का अंगवस्त्र प्रदान कर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर ईश्वर दयाल सिंह सेठ, महामृत्युंजय मंदिर के महंत किशन दीक्षित, शिव गोपाल सर्राफ, कमलेश चंद्र वर्मा, राकेश वर्मा, सुमित वर्मा ‘चंदू’, सत्यनारायण सेठ, विजय चौधरी, अन्ना मोरे, संतोष पाटिल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्वर्णकार समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे।







