वाराणसी कैंट स्टेशन पर वन्यजीव तस्करी का बड़ा खुलासा, कुंभ एक्सप्रेस से 24 दुर्लभ कछुए बरामद

Shekhar pandey
जीआरपी, आरपीएफ, पीएसी और सीआईबी की संयुक्त कार्रवाई; अमेठी का 20 वर्षीय युवक गिरफ्तार, पश्चिम बंगाल ले जाए जा रहे थे कछुए
वाराणसी। रेलवे के रास्ते वन्यजीवों की तस्करी करने वालों के खिलाफ वाराणसी कैंट स्टेशन पर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। जीआरपी, आरपीएफ, पीएसी और सीआईबी की संयुक्त टीम ने ट्रेन संख्या 13038 कुंभ एक्सप्रेस के जनरल कोच से 24 जीवित इंडियन सॉफ्टशेल कछुए बरामद किए हैं। मौके से एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। वन विभाग के अनुसार, बरामद कछुओं की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 12 लाख रुपये है। पुलिस के मुताबिक, सोमवार, 12 अक्टूबर को वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर चेकिंग और गश्त की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुंभ एक्सप्रेस के जनरल कोच में कछुओं की तस्करी की जा रही है और उन्हें पश्चिम बंगाल ले जाने की तैयारी है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त टीम तत्काल प्लेटफॉर्म नंबर-9 पर पहुंची और ट्रेन के रुकते ही संदिग्ध कोच में तलाशी शुरू कर दी।
पुलिस को देखकर भागने लगा युवक, बैगों की तलाशी में खुला राज
चेकिंग के दौरान एक युवक पुलिस टीम को देखकर भागने का प्रयास करने लगा। सतर्क जवानों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान मोनू कंजर (करीब 20 वर्ष), पुत्र शंकर कंजर, निवासी गांधीनगर, थाना जगदीशपुर, जनपद अमेठी के रूप में हुई।
युवक के कब्जे में मौजूद दो पिट्ठू बैग, एक जूट की बोरी और एक तांत के झोले की तलाशी ली गई तो पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। इनके अंदर कुल 24 जीवित कछुए मिले। बरामद कछुओं में छह बड़े और 18 छोटे आकार के थे।
तालाबों से पकड़कर पश्चिम बंगाल ले जाने का दावा
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जगदीशपुर, सुल्तानपुर और अमेठी क्षेत्र के गांवों के तालाबों से कछुए पकड़कर बिक्री के लिए पश्चिम बंगाल ले जा रहा था। हालांकि, तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क के संबंध में आगे की जांच की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
वन विभाग ने संभाली कार्रवाई
कछुओं की बरामदगी के बाद वन विभाग को सूचना दी गई। वन दरोगा अनिल कुमार श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ जीआरपी कैंट थाने पहुंचे। संयुक्त टीम की मौजूदगी में कछुओं की गिनती कराई गई। इसके बाद 24 जीवित कछुओं और आरोपी को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए वन विभाग की टीम को सौंप दिया गया।
पुलिस के अनुसार, बरामद कछुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल प्रजाति के बताए गए हैं। वन विभाग अब मामले में नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे जोन प्रयागराज एन. कोलान्ची और पुलिस अधीक्षक रेलवे अनुभाग प्रयागराज प्रशांत वर्मा के निर्देशन में तथा पुलिस उपाधीक्षक रेलवे वाराणसी कुंवर प्रभात सिंह के निकट पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
संयुक्त टीम में जीआरपी कैंट के प्रभारी निरीक्षक रजोल नागर, आरपीएफ पोस्ट वाराणसी के प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार यादव, वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजबहादुर यादव, आरपीएफ के उपनिरीक्षक कैलाश और शैलेन्द्र यादव, सीआईबी के एएसआई राकेश सिंह सहित जीआरपी, आरपीएफ, पीएसी और सीआईबी के जवान शामिल रहे।
बरामदगी: 24 जीवित कछुए | अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत: ₹12 लाख | गिरफ्तार आरोपी: 1
रेलवे स्टेशन पर हुई इस कार्रवाई से वन्यजीव तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता सामने आई है। अब जांच के जरिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि कछुओं की तस्करी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।







