विमान में चाकूबाजी की घटना पर स्वामी मोहन भारती ने जताई चिंता, कैप्टन स्मित मच्छार को सर्वोच्च वीरता सम्मान देने की मांग

Shekhar pandey
वाराणसी। जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं काशी के श्रीमहंत स्वामी मोहन भारती शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई चाकूबाजी की घटना पर चिंता व्यक्त की।
स्वामी मोहन भारती ने कहा कि उड़ान के दौरान कॉकपिट में पायलट पर हमला किया जाना बेहद गंभीर मामला है। ऐसी घटनाएं विमान में सवार यात्रियों और क्रू की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती हैं।
उन्होंने फ्लाइट FZ1073 के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद विमान की आपात लैंडिंग सऊदी अरब के तबुक में कराई गई।
स्वामी मोहन भारती ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका को देखते हुए उनके साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण का उचित सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कैप्टन मच्छार को देश के सर्वोच्च वीरता सम्मान से सम्मानित करने पर विचार करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में स्वयं घायल होने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना साहस और कर्तव्यबोध का उदाहरण है। उनके अनुसार, ऐसी घटनाओं में विमानन सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा जरूरी है।
स्वामी मोहन भारती ने घटना के आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने संबंधित एजेंसियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और विमानन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की अपील की।
अंत में उन्होंने घायल कैप्टन स्मित मच्छार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।







