नागपंचमी और श्रावण सोमवार पर बाबा विश्वनाथ का महा-जलाभिषेक, हर-हर महादेव से गूंज उठी काशी

Shekhar pandey
वाराणसी। श्रावण मास के तृतीय सोमवार और नागपंचमी के पावन संयोग पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में भव्य धार्मिक आयोजन हुआ। ज्ञान कूप के पवित्र जल में नागकेसर मिश्रित कर तथा काशी के पंचतीर्थों के जल से बाबा विश्वनाथ का विधि-विधान से महा-जलाभिषेक किया गया। इस दौरान हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
लोकमान्यताओं के अनुसार नागपंचमी के विशेष अवसर पर नागकेसर मिश्रित जल से भगवान शिव का अभिषेक करने से कालसर्प दोष से मुक्ति की कामना की जाती है, जबकि ज्ञान कूप के जल को ज्ञानवृद्धि से जोड़ा जाता है। इसी आस्था के चलते बाबा के इस विशेष जलाभिषेक में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
हर वर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विश्वनाथ गली व्यवसायी संघ की ओर से लोककल्याण की कामना के साथ जलाभिषेक किया गया। जलाभिषेक से पहले संघ के सदस्य और महिला श्रद्धालु दशाश्वमेध स्थित चितरंजन पार्क में एकत्र हुए। सुबह करीब 10 बजे डमरू की गूंज और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच सैकड़ों श्रद्धालुओं का जत्था जलपात्र लेकर बाबा विश्वनाथ के दरबार के लिए रवाना हुआ।
जुलूस चितरंजन पार्क से विश्वनाथ गली के मुख्य प्रवेश द्वार, साक्षी विनायक और ढुंढिराज गणेश के मार्ग से होते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचा। रास्तेभर श्रद्धालुओं ने बाबा के जयकारे लगाए। मंदिर पहुंचने के बाद निर्धारित व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया।
आयोजन को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं।
इस धार्मिक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में अन्नपूर्णा मठ मंदिर के महंत श्री शंकर पुरी जी महाराज और शहर दक्षिणी के विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में रमेश तिवारी, कमल तिवारी, पवन शुक्ला, राजू बाजोरिया, भानू मिश्रा, ऋषि झिंगरन, सिद्धार्थ भारद्वाज, प्रतीक देववंशी, अभिषेक केशरी, महेश, मनोज प्रजापति, नवीन कसेरा, अमित त्रिपाठी सहित संघ के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
नागपंचमी और श्रावण सोमवार के इस विशेष संयोग पर हुए महा-जलाभिषेक ने काशी की धार्मिक परंपरा, आस्था और भक्ति का अद्भुत स्वरूप प्रस्तुत किया।







