UP News : गरीबी ने ले ली पिता बेटी की जान , गांव के लोगो की आंखे हुए नम, पुलिस जांच में जुटी

मेरठ । गरीबी से जूझ रहे राजमिस्त्री जोगेंद्र प्रजापति ने अपनी नाबालिग बेटी खुशी के साथ गुरुवार को जहरीली पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। दोनो की शव देख गांव के लोगो की आंखे नम हो गई। बताया जा रहा है की 50 वर्षीय जोगेंद्र प्रजापति जो राजमिस्त्री का काम किया करता था । जो आर्थिक तंगी से परेशान था इसके बावजूद वह अपनी बेटी को पढ़ाने के लिए प्रयासरत रहा । बता दे की खुशी ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 75 फीसदी अंक हासिल किए थे। वह 11वीं कक्षा में दाखिला दिलाने के लिए पिता से लगातार कह रही थी। पैसों का इंतजाम न होने के बाद दोनों ने यह खौफनाक कदम उठाया। इस संबंध में पुलिस ने बताया कि जोगेंद्र प्रजापति आर्थिक तंगी से परेशान था। उसने यह कदम इसलिए उठाया, क्योंकि वह अपनी बेटी खुशी की आगे की पढ़ाई की इच्छा को पूरा करने में कथित रूप से विफल रहा था। चिरौड़ी गांव के लोगों ने बताया कि खुशी अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती थी। वह अपने पिता से स्थानीय स्कूल में 11वीं कक्षा में दाखिला दिलाने के लिए कह रही थी, लेकिन जोगेंद्र ऐसा नहीं कर सका। वह गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा था। उसके लिए अपने सात लोगों के परिवार का पेट भरना भी मुश्किल हो गया था।सीओ (दौराला) सुचिता सिंह ने बताया कि गुरुवार को जोगेंद्र प्रजापति बिना कोई काम किए घर लौट आया। खुशी के अलावा घर पर कोई नहीं था। खुशी ने फिर से अपने एडमिशन को लेकर चिंता जताई। अपनी गरीबी से लाचार और हताश प्रजापति ने जहर खा लिया। खुशी इसे बर्दाश्त नहीं कर सकी और उसने भी कुछ देर बाद खुद को जहर खा कर जान दे दी । सीओ कृष्णा चौधरी ने बताया कि पड़ोसियों ने उन्हें अस्पताल से पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शुक्रवार को दोनों का शव गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया।



