श्री काशी विश्वनाथ धाम में भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

Nispaksh kashi
वाराणसी। देवाधिदेव महादेव की पावन नगरी काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम आज भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और दिव्य आभा से अवलोकित हो उठा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं पारंपरिक धार्मिक विधि-विधान के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद एवं ‘जय श्री कृष्ण’ तथा ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। भगवान श्री लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव के पश्चात मंदिर न्यास के शास्त्रियों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना एवं अभिषेक संपन्न कराया गया।
इस अवसर पर भगवान श्री लड्डू गोपाल का दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेक, पंचामृत अभिषेक एवं षोडशोपचार पूजन वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ। भगवान को नवीन वस्त्र एवं आकर्षक श्रृंगार से सुसज्जित कर विशेष आरती एवं भोग अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य अनुभव किया। देवाधिदेव महादेव के धाम में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का यह दिव्य आयोजन सनातन संस्कृति की उस अद्भुत समन्वय परंपरा का प्रतीक बना, जिसमें हर के धाम में हरि की आराधना एक अलौकिक आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करती है। काशी विश्वनाथ धाम में महादेव की आराधना के मध्य भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की मनोहारी छटा ने श्रद्धालुओं के मन को भावविभोर कर दिया। भगवान श्री लड्डू गोपाल के विशेष पूजन एवं अभिषेक के दर्शन का पुण्य अवसर श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। मंदिर परिसर में उत्सव का वातावरण देर तक बना रहा और श्रद्धालुओं ने भक्ति एवं श्रद्धा के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में सहभागिता की। श्री काशी विश्वनाथ धाम में आयोजित यह उत्सव काशी की सनातन आध्यात्मिक परंपरा, भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक समन्वय का अद्भुत उदाहरण बना।







