CY-VAZRA अभियान: 1.88 करोड़ के साइबर फ्रॉड मामले में म्यूल अकाउंट धारक पर केस, चौक पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई

Shekhar pandey
वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस के ‘CY-VAZRA’ अभियान के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में थाना चौक पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.88 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड से जुड़े एक म्यूल अकाउंट (Mule Account) धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस आयुक्त के निर्देशन तथा पुलिस उपायुक्त काशी जोन, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन, एसीपी दशाश्वमेध और एसीपी साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में हुई जांच के दौरान एनसीआरपी पोर्टल और साइबर मुख्यालय, लखनऊ से प्राप्त संदिग्ध बैंक खातों की जांच की गई।
जांच में सामने आया कि एसएम एंटरप्राइजेज के संचालक विपुल कुमार अग्रवाल निवासी सुड़िया, बुलानाला (थाना चौक) ने कथित तौर पर 1 प्रतिशत कमीशन के लालच में अपना करंट बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। साइबर अपराधियों ने इसी खाते का इस्तेमाल कर पिछले तीन महीनों में करीब 1.88 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन किए।
पुलिस के अनुसार एनसीआरपी पोर्टल पर जांच के दौरान इस बैंक खाते से जुड़े देश के विभिन्न राज्यों में 16 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज मिली हैं, जिनकी जांच संबंधित थानों द्वारा की जा रही है।
इस मामले में थाना चौक पर मु0अ0सं0-120/2026 के तहत धारा 318(4), 61(2) बीएनएस तथा 66D आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई में थाना चौक के प्रभारी निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक सौरभ शाही तथा साइबर क्राइम सेल के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार तिवारी, कांस्टेबल शनि यादव और सुनील जायसवाल शामिल रहे।
पुलिस की जनता से अपील
कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk, TeamViewer, RustDesk जैसे रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें। किसी भी व्यक्ति के साथ बैंक खाता, एटीएम कार्ड, नेट बैंकिंग या ओटीपी की जानकारी साझा न करें और कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता किसी अन्य को उपयोग के लिए न दें।
यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी होती है तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति भी कानून के दायरे में आते हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।







