वाराणसी में ‘गुड़िया एवं खिलौना’ कार्यशाला, कारीगरों को मिला आधुनिक पैकेजिंग का प्रशिक्षण

Shekhar Pandey
वाराणसी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत एमएसएमई विकास कार्यालय, वाराणसी द्वारा भारतीय पैकेजिंग संस्थान के सहयोग से ‘गुड़िया एवं खिलौना’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं पैकेजिंग वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को आधुनिक पैकेजिंग तकनीकों से परिचित कराना तथा उनके उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाना रहा। कार्यशाला में बताया गया कि आकर्षक और गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग उत्पादों की बिक्री बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। इससे उत्पाद की प्रस्तुति बेहतर होती है और उपभोक्ताओं के बीच उसकी स्वीकार्यता भी बढ़ती है।
इस दौरान प्रतिभागियों को जानकारी दी गई कि सरकार द्वारा खिलौना उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कारीगरों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं। लाभार्थियों ने कहा कि इन कार्यशालाओं के माध्यम से उन्हें नई तकनीकों की जानकारी मिलती है, जिससे वे अपने उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन क्षमता में सुधार कर पा रहे हैं।
कार्यक्रम में एमएसएमई विकास कार्यालय, वाराणसी के सहायक निदेशक राजेश कुमार चौधरी तथा एमएसएमई विकास कार्यालय, प्रयागराज के निदेशक एल.बी.एस. यादव की प्रमुख भूमिका रही। तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने आधुनिक पैकेजिंग तकनीकों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया।
कार्यशाला में 200 से अधिक प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों ने भाग लिया। इस पहल से स्थानीय हस्तशिल्प और खिलौना उद्योग को नई दिशा मिलने तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई।













