महिला प्रतिनिधित्व से मजबूत होगा लोकतंत्र : अन्नपूर्णा देवी

Nispaksh kashi
वाराणसी। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री Annapurna Devi ने कहा कि देश की विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नेतृत्व से नीतियां अधिक समावेशी और प्रभावी बनती हैं, जिससे राष्ट्र के विकास को नई गति मिलती है।
उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक सुधार बताते हुए कहा कि यह लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित कर उन्हें निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भूमिका प्रदान करेगा। यह केवल संवैधानिक बदलाव नहीं, बल्कि एक परिवर्तनकारी पहल है, जो महिलाओं को लोकतंत्र के केंद्र में स्थापित करती है।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में सरकार ने पिछले एक दशक में महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जनधन योजना, मुद्रा योजना, उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी पहलों ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया है।
उन्होंने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में आज लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जो स्थानीय स्तर पर विकास के महत्वपूर्ण मुद्दों—जल, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य—पर प्रभावी नेतृत्व दे रही हैं। अब समय आ गया है कि इसी भागीदारी को उच्च विधायी संस्थाओं तक भी विस्तार दिया जाए।
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि सरकार पहली बार निर्वाचित होने वाली महिला जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण, संसाधन और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे नीति निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
उन्होंने विश्वास जताया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ने से देश की शासन व्यवस्था अधिक मजबूत, संवेदनशील और जवाबदेह बनेगी तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।








