एनडीआरएफ की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता जांचने हेतु उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में मोबिलाइजेशन ड्रिल आयोजित

Shekhar Pandey
वाराणसी। 11वीं एनडीआरएफ, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के मुख्यालय से उप महानिरीक्षक श्री मनोज कुमार शर्मा के निर्देशन में उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर आज मोबिलाइजेशन ड्रिल एवं मॉक अभ्यास का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में एनडीआरएफ की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, रिस्पॉन्स टाइम एवं राहत-बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का आकलन करना था।
इस दौरान उत्तर प्रदेश के वाराणसी, गाजीपुर, मिर्जापुर, जौनपुर, लखनऊ, गोरखपुर एवं प्रतापगढ़ तथा मध्य प्रदेश के विदिशा एवं भोपाल में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से अभ्यास किया गया।

मॉक अभ्यास के तहत बाढ़, नाव दुर्घटना, भूकंप, भवन ध्वस्त होने की स्थिति तथा रासायनिक एवं जैविक आपदाओं जैसे विभिन्न परिदृश्यों को शामिल किया गया। इन परिस्थितियों में जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस, जल पुलिस, यातायात पुलिस, अग्निशमन विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।
अभ्यास के दौरान एनडीआरएफ की फ्लड वाटर रेस्क्यू, कॉलैप्स्ड स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू तथा सीबीआरएन (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर) टीमों ने सक्रिय भागीदारी की। घटनास्थल पर पहुंचकर टीमों ने प्रारंभिक आकलन किया, ऑपरेशन बेस स्थापित किया तथा राहत एवं बचाव अभियान प्रारंभ किया।
आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों की सहायता से एनडीआरएफ टीमों ने प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला तथा घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराकर अस्पताल भेजा। पूरे अभ्यास के दौरान इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया गया।
अभ्यास के उपरांत सभी सहभागी एजेंसियों—नागरिक पुलिस, जल पुलिस, यातायात पुलिस, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ एवं चिकित्सा विभाग—ने संयुक्त समीक्षा कर बेहतर समन्वय एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की।
उप महानिरीक्षक श्री मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना एनडीआरएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस अभ्यास में कुल 12 एनडीआरएफ टीमों को तैनात किया गया था। एनडीआरएफ आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने में पूर्णतः सक्षम है।







