केसरिया भारत द्वारा महँगी शिक्षा के खिलाफ एकजुट हुए छात्र अभिभावक

Ashutosh pandey
“केसरिया भारत” द्वारा देशभर में महँगी शिक्षा के विरुद्ध चलाए जा रहे “छात्र, अभिभावक संवाद” अभियान के अंतर्गत रविवार को कैंट विधानसभा क्षेत्र के कोल्हुआ, विनायका स्थित माँ वैष्णो होम स्टे में बैठक आयोजित की गई.
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर अपने विचार व्यक्त किए तथा शिक्षा को अधिक सुलभ और समान बनाने की आवश्यकता पर बल दिया.

‘केसरिया भारत’ के प्रमुख संयोजक कृष्णा नन्द पाण्डेय ने कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था को समान अवसरों के सिद्धांत पर आधारित किया जाना चाहिए. इसके लिए “एक बोर्ड, एक फीस और एक पाठ्यक्रम” की नीति लागू करने की आवश्यकता है, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी को समान गुणवत्ता की शिक्षा मिल सके. उन्होंने सरकार से शिक्षा को अधिक सुलभ, उत्तरदायी और जनहितकारी बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने का माँग किया.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केसरिया भारत के संरक्षक रामजी सिंह जी ने कहा कि शिक्षा आज सेवा के बजाय व्यवसाय का रूप लेती जा रही है. लगातार बढ़ती फीस और अलग-अलग बोर्डों की असमान व्यवस्था के कारण सामान्य एवं मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है.
प्रदेश अध्यक्ष गौरीश सिंह ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है, इसलिए इसे आर्थिक क्षमता नहीं बल्कि प्रत्येक बच्चे के अधिकार के रूप में देखा जाना चाहिए.
बैठक में उपस्थित प्रतिभागियों ने महँगी शिक्षा के विरुद्ध जनजागरण अभियान को आगे बढ़ाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इस विषय से जोड़ने का संकल्प लिया.







