भारत-ओमान सीईपीए से व्यापार और निवेश को मिलेगा नया आयाम: राजेश अग्रवाल

Shekhar pandey
नई दिल्ली। भारत और ओमान के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई गति देगा। वाणिज्य विभाग के सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह समझौता भारत और ओमान के बीच सदियों पुराने आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाएगा।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 11.18 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। सीईपीए लागू होने के बाद ओमान की 98 प्रतिशत से अधिक टैरिफ लाइनों पर भारतीय उत्पादों को शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच मिलेगी, जिससे इंजीनियरिंग, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को विशेष लाभ होगा।
अग्रवाल के अनुसार, समझौते से भारतीय कंपनियों को ओमान में निवेश और कारोबार विस्तार के बेहतर अवसर मिलेंगे। आईटी, पेशेवर सेवाओं और निर्माण क्षेत्र में भारतीय सेवा प्रदाताओं को नई संभावनाएं प्राप्त होंगी। साथ ही भारतीय पेशेवरों और कुशल श्रमिकों की आवाजाही भी आसान होगी।
उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय मूल्य श्रृंखलाओं के निर्माण, लॉजिस्टिक्स सहयोग और निवेश को बढ़ावा देने का भी माध्यम बनेगा। ओमान के सोहार, दुक्म और सलालाह जैसे औद्योगिक केंद्र भारत को मध्य पूर्व और अफ्रीका के बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत-ओमान सीईपीए दोनों देशों के बीच विश्वास, निवेश और दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो क्षेत्रीय विकास और आर्थिक समृद्धि के नए अवसर पैदा करेगा।







