षष्ठपीठ श्री गोपाल मंदिर वैष्णवजनों की शानदार संगीतमय प्रस्तुति से परमानन्द रस से भाव विभोर हो गया

Ashutosh pandey
वाराणसी । षष्ठपीठ श्री गोपाल मंदिर चौखम्भा में शुक्रवार श्री मुकुन्द गोपाल सेवा संस्थान एवं भारत भारती परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अष्टछाप कवि नन्ददास एवं गोस्वामी तुलसीदास जयंती षष्ठपीठाधीश्वर गोस्वामी श्री श्याम मनोहर महाराज की अध्यक्षता में बडे़ ही आनन्द उल्लास से मनायी गयी। सर्वप्रथम महाराज श्री मुख्य अतिथि प्रो. शैलेश कुमार तिवारी एवं विशिष्ट अतिथि प्रो. विद्योत्तमा मिश्रा ने नन्ददास एवं तुलसीदास की मूर्ति पर मार्ल्यापण अर्पित कर शुभारम्भ किया। ज्ञातत्व हो कि इसी गोपाल मंदिर में दोनो महापुरूषों तुलसीदास एवं नन्ददास ने क्रमशः विनय पत्रिका व भ्रमरगीत की रचना की थी। अध्यक्षता करते हुए षष्ठपीठाधीश्वर गोस्वामी 108 श्री श्याममनोहर जी महाराज ने कहा कि नन्ददास के सत्संग से तुलसीदास को पुष्टिभक्त बना दिया। तभी वे विनय पत्रिका की रचना का पुष्टिभक्त बना दिया। अनन्य भाव से ही प्रभु को प्रसन्न किया जा सकता है। संस्था भारत भारती परिषद के अध्यक्ष अशोक वल्लभदास ने महाराजश्री, मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का स्वागत कर तुलसीदास के जीवन पर प्रकाश डाला। प्रो. शैलेश तिवारी ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हमें विनय पत्रिका स्थल पर पहली बार आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। प्रो. विद्योत्तमा मिश्रा ने नन्ददास को गुसाईं श्री विट्ठलनाथ जी का कर्णप्रिय सखा बताते हुए कहा कि जीवन का अधिकांश समय काशी के गोपाल मंदिर में ही व्यतीत कर वैष्णवजनों का मार्ग दर्शन किया। समारोह में सर्वश्री अरूण पारिख, राजेश अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, अतुल शाह, राममोहन दास गुप्ता आदि का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का संचालन बृजकिशोर किनारीवाला ने किया।







