महंत आवास पर पंचबदन बाबा का हुआ हरियाली श्रृंगार, शुक्रवार को गर्भगृह में झूले पर विराजेंगे बाबा

Shekhar pandey
वाराणसी। श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में होने वाले पारंपरिक झुलनोत्सव की तैयारियां पूरी हो गई हैं। गुरुवार को टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर पंचबदन बाबा की चल प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन कर विशेष हरियाली श्रृंगार किया गया।
परंपरा के अनुसार श्रावण पूर्णिमा से एक दिन पूर्व महंत आवास पर भगवान शिव परिवार की चल प्रतिमा का विशेष पूजन किया गया। ब्रह्ममुहूर्त में पं. सुशील त्रिपाठी के आचार्यत्व में 11 वैदिक ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन कराया। इसके बाद पंचबदन बाबा की चल प्रतिमा का धेनुदुग्ध से अभिषेक किया गया।
सायंकाल पंचबदन बाबा की प्रतिमा का संजीव रत्न मिश्र द्वारा राजसी एवं हरियाली श्रृंगार किया गया। हरियाली श्रृंगार के बाद बाबा की चल प्रतिमा भक्तों के दर्शन के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।
मंदिर के महंत पं. वाचस्पति तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर बाबा की पंचबदन चल प्रतिमा का राजसी श्रृंगार किया जाएगा। इसके बाद शाम को टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास से बाबा की पालकी मंदिर के लिए रवाना होगी।
परंपरा के अनुसार बाबा की चल प्रतिमा को काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में ले जाकर झूले पर विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद बाबा विश्वनाथ का सपरिवार झुलनोत्सव आयोजित होगा, जिसमें काशीवासी बाबा को झूला झुलाकर अपनी आस्था अर्पित करेंगे।
श्रावण पूर्णिमा के इस पारंपरिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। काशी में सदियों से चली आ रही इस परंपरा में भगवान शिव परिवार के साथ झूले पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हैं।







