नाविकों के लाइसेंस नवीनीकरण पर उठे सवाल, राजघाट में मांझी समाज की बैठक

Shekhar pandey
वाराणसी। गंगा नदी में नाव संचालन और लाइसेंस नवीनीकरण की समस्याओं लेकर आठ फेरी निषाद राज सेवा समिति राजघाट के अध्यक्ष दुर्गा मांझी के नेतृत्व में मांझी समाज के लोगों द्वारा राजघाट पर एक बैठक की गई। बैठक में अध्यक्ष दुर्गा मांझी ने बताया कि नाविकों की लाइसेंस नवीनीकरण नगर निगम के बजाय आरटीओ से करवाने का मतलब क्रूज, बडी-बडी बजडें की भरभार गंगा नदी मे हो जायेगी। इस नयी व्यवस्था से उद्योगपतियों को फायदा मिलेगा और मांझी समाज के आगे आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएगा। प्रशासन द्वारा रोजाना, सेफ्टी जैकेट, ओवरलोडिंग के नाम पर मुकदमें, नाव सीज कर माझी समाज का उत्पीड़न किया जा रहा है। जब गंगा नदी में कोई दुर्घटना होती है तो नाविक समाज के लोग अपनी जान दांव पर लगाकर लोगों का जान बचाने का कार्य करती है, बदले में शासन, प्रशासन से मदद की बजाय मिलता है केवल उत्पीड़न, यह दुखद है। हमारी शासन, प्रशासन से मांग है की पूर्व की भांति नगर निगम से लाइसेंस जारी किया जाए और नाविकों का तत्काल उत्पीड़न बंद किया जाए। उन्होनें कहा कि अगर हमारी सुनवाई नहीं होती है तो हम बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। बैठक में मुख्य रूप से अध्यक्ष दुर्गा मांझी, नारायण मांझी, नरोत्तम मांझी, गोविंद साहनी, सागर साहनी, प्रदीप चौधरी, देवेंद्र साहनी, रितिक साहनी, भानु साहनी, बचाऊ मांझी, सच्चे लाल मांझी, फूलचंद मांझी सहित मांझी समाज के सैकड़ो लोग मौजूद रहे।







