पीएम स्वनिधि योजना से पथ विक्रेताओं को मिला आर्थिक संबल: मनोहर लाल

Shekhar pandey
नई दिल्ली। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री स्वनिधि (पीएम स्वनिधि) योजना देश के लाखों पथ विक्रेताओं के लिए वित्तीय सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। योजना ने न केवल उन्हें औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा है, बल्कि उनकी आय और जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार किया है।
मंत्री ने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत लाखों पथ विक्रेताओं को बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। योजना के माध्यम से पहली बार बड़ी संख्या में विक्रेताओं की क्रेडिट हिस्ट्री तैयार हुई, जिससे उन्हें अन्य वित्तीय संस्थानों से भी ऋण प्राप्त करने में सुविधा मिली।
उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई और क्यूआर कोड आधारित लेनदेन को प्रोत्साहित किया गया है। अब तक 55 लाख से अधिक पथ विक्रेता डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़ चुके हैं। वहीं ‘स्वनिधि से समृद्धि’ पहल के जरिए लाखों परिवारों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिला है।
मनोहर लाल ने बताया कि योजना के लाभार्थियों में लगभग 46 प्रतिशत महिलाएं हैं, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी बल मिला है। स्वतंत्र आकलन रिपोर्टों के अनुसार, लाभार्थियों की आय में औसतन 20 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।
उन्होंने कहा कि योजना की सफलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसे मार्च 2030 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। साथ ही ऋण सीमा में वृद्धि, स्वनिधि क्रेडिट कार्ड की शुरुआत और योजना का विस्तार पेरि-अर्बन तथा जनगणना नगरों तक किया गया है।
मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में पथ विक्रेताओं को शहरी नियोजन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा उनके लिए सुनियोजित वेंडिंग जोन और स्ट्रीट फूड हब विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि पीएम स्वनिधि योजना विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती रहेगी।







