विकसित भारत 2047 के संकल्प में शिक्षकों की अहम भूमिका, उत्कृष्ट शिक्षकों को मिला सम्मान

Shekhar pandey
वाराणसी। शहर के सर्किट हाउस में ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत 2047’ शिक्षक संगोष्ठी एवं ‘एडुलिडर्स सम्मान समारोह-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अजगरा विधायक त्रिभुवन राम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं नवाचारी कार्य करने वाले शिक्षकों को विधायक त्रिभुवन राम ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर बेहतर कार्य करने के लिए उनका उत्साहवर्धन किया।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। देश के विकास की मजबूत नींव विद्यालयों और कक्षाओं से ही तैयार होती है। शिक्षकों को विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ ही उनमें नैतिक, सामाजिक और मानवीय मूल्यों का विकास भी करना चाहिए।
इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालय चंद्रावती की शिक्षिका डॉ. सुमन कुमारी को शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं बड़ागांव के शिक्षक प्रतीक रघुवंशी और ज्योति प्रकाश को भी उनके सराहनीय एवं नवाचारी प्रयासों के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ एसआरजी कुंवर भगत, राजीव सिंह सहित जनपद के बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
समारोह के अंत में सम्मानित शिक्षकों ने आयोजकों के प्रति आभार जताया और शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों एवं समाज के निर्माण में पूरी निष्ठा के साथ योगदान देने का संकल्प लिया।







