अस्सी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में 15 जुलाई को निकलेगी ऐतिहासिक रथयात्रा, तैयारियां शुरू

Shekhar pandey
वाराणसी। काशी के अस्सी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान श्रीजगन्नाथ महाप्रभु की पावन रथयात्रा एवं अनवसर (अज्ञातवास) महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मंदिर समिति द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में बताया गया कि भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की पारंपरिक रथयात्रा 15 जुलाई 2026 को भव्य रूप से निकाली जाएगी।
मंदिर समिति के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर भगवान श्रीजगन्नाथ का विशेष स्नानोत्सव संपन्न होने के बाद वे 14 दिनों के लिए अनवसर (अज्ञातवास) में विराजमान रहते हैं। इस अवधि में भगवान के स्वास्थ्य लाभ के प्रतीक स्वरूप प्रतिदिन श्रद्धालुओं के बीच औषधीय काढ़ा प्रसाद वितरित किया जाएगा।
समिति ने बताया कि 14 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में प्रथम दर्शन देंगे, जिसे “नवयौवन दर्शन” कहा जाता है। इसके अगले दिन 15 जुलाई को ऐतिहासिक रथयात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा कामच्छा मंदिर मार्ग होते हुए रामबाग तक पहुंचेगी, जहां हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि काशी का श्री जगन्नाथ मंदिर श्रीक्षेत्र पुरी धाम का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से पुरी धाम के दर्शन का पुण्य प्राप्त होता है। मंदिर का निर्माण लगभग दो शताब्दी पूर्व कराया गया था और तब से यहां रथयात्रा की परंपरा निरंतर चली आ रही है।
मेला परिसर में प्रतिदिन आरती, भोग, दर्शन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा। 19 जुलाई को बहुड़ा यात्रा (वापसी यात्रा) के साथ भगवान पुनः अस्सी स्थित मंदिर में विराजमान होंगे।
मंदिर समिति के अध्यक्ष वृजेश सिंह ने सभी काशीवासियों एवं श्रद्धालुओं से अपील की कि वे रथयात्रा महोत्सव में शामिल होकर भगवान श्रीजगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दें।







