पेटीएम कर्मचारी बनकर साइबर ठगी करने वाले गैंग ने मोबाइल लूटने के लिए की थी व्यापारी की हत्या, पांच आरोपी गिरफ्तार

Shekhar pandey
वाराणसी। रोहनिया थाना पुलिस, एसओजी, साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चर्चित जितेंद्र कुमार हत्याकांड का सफल खुलासा कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के दौरान दबोचा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, तमंचा, कारतूस, नकदी, मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेटीएम मशीनें, क्यूआर कोड, डेबिट कार्ड सहित बड़ी मात्रा में साइबर ठगी से जुड़ा सामान बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार 8 जून 2026 को रोहनिया क्षेत्र निवासी दुकानदार जितेंद्र कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज, साइबर सेल और सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को पेटीएम कर्मचारी बताकर दुकानदारों से साइबर ठगी करते थे। करीब छह माह पहले गैंग का सदस्य गियांशू पटेल उर्फ बाबू मृतक जितेंद्र कुमार की दुकान पर केवाईसी के बहाने पहुंचा था। मोबाइल देखने के दौरान उसे पता चला कि जितेंद्र के बैंक खाते में लगभग 26 लाख रुपये हैं। इसके बाद आरोपियों ने मोबाइल लूटने की साजिश रची।
घटना वाले दिन दो आरोपी बाइक से रेकी कर रहे थे, जबकि तीन साथी कार में बैकअप के रूप में मौजूद थे। दुकान बंद कर घर लौटते समय जितेंद्र कुमार को गोली मार दी गई। हालांकि घायल अवस्था में वह घर पहुंच गए, जिससे आरोपी उनका मोबाइल नहीं लूट सके और मौके से फरार हो गए।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गैंग वाराणसी के अलावा लखनऊ, कानपुर और चंदौली में भी पेटीएम कर्मचारी बनकर दुकानदारों के साथ साइबर ठगी करता था। गैंग के खिलाफ पहले से भी आईटी एक्ट सहित कई मुकदमे दर्ज हैं और समन्वय पोर्टल पर अनेक शिकायतें मौजूद हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में आयुष पटेल उर्फ भोला, मनीष सिंह, अमन सेठ, गियांशू पटेल उर्फ बाबू और सुशील पटेल उर्फ गोलू शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 1.78 लाख रुपये नकद, 10 पेटीएम मशीनें, 18 मोबाइल फोन, 29 डेबिट कार्ड, 116 क्यूआर कोड, एक एप्पल लैपटॉप, 9 सिम कार्ड, दो अवैध हथियार, कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त दोपहिया वाहन बरामद किया है।
पुलिस आयुक्त ने इस हत्याकांड का सफल अनावरण करने वाली रोहनिया पुलिस, एसओजी, साइबर सेल और सर्विलांस टीम को एक लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।







