उत्तर प्रदेशवाराणसी

Varanasi : अपराध नियंत्रण व त्वरित निस्तारण को लेकर पुलिस आयुक्त ने की साइबर अपराध समीक्षा

Shekhar pandey

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वाराणसी। अपराध नियंत्रण एवं साइबर फ्रॉड के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल ने साइबर सेल एवं जनपद के समस्त थानों के साइबर हेल्प डेस्क प्रभारियों के साथ समीक्षा गोष्ठी आयोजित की। इस दौरान साइबर अपराध नियंत्रण की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।

समीक्षा में बताया गया कि वर्ष 2025 में वाराणसी पुलिस द्वारा पहली बार 06 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ करते हुए 76 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। ये अपराधी वाराणसी से ही कॉल सेंटर संचालित कर देश-विदेश के लोगों से ठगी कर रहे थे। पुलिस आयुक्त ने इसे तकनीक, लगन और निष्ठा का परिणाम बताते हुए वर्ष 2026 में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

पुलिस आयुक्त को अवगत कराया गया कि म्यूल अकाउंट खोलने वाले 44 अभियुक्तों तथा फर्जी नाम से सिम कार्ड जारी करने वाली 15 फर्मों को चिन्हित कर जेल भेजा गया है। वर्ष 2025 में साइबर सेल द्वारा साइबर फ्रॉड में गई 9.5 करोड़ रुपये की राशि पीड़ितों को वापस कराई गई, जबकि 01 जनवरी 2026 से 10 फरवरी 2026 तक लगभग 01 करोड़ रुपये की राशि होल्ड/फ्रीज कराई गई।

इसके अतिरिक्त वर्ष 2025 से अब तक 5273 मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए, 1290 मोबाइल फोन के IMEI डिएक्टिवेट किए गए तथा 115 फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट निष्क्रिय किए गए। शिकायतों के निस्तारण की दर को 44 प्रतिशत से बढ़ाकर 87 प्रतिशत किए जाने पर पुलिस आयुक्त ने संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की सराहना की।

पुलिस आयुक्त द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में शिकायतों के *Lien Time* को 4 घंटे से घटाकर मात्र 14 मिनट कर दिया गया, जिसे उल्लेखनीय उपलब्धि बताया गया। उन्होंने IMEI एवं मोबाइल नंबर ब्लॉकिंग, लीन अमाउंट वृद्धि, प्रार्थना पत्रों के त्वरित निस्तारण तथा फर्जी POS मशीन व अवैध सिम जारी करने वाले संचालकों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

साथ ही *प्रतिबिम्ब पोर्टल* की प्रभावी मॉनिटरिंग हेतु एक नए सेल का गठन किया गया है, जिसकी नियमित समीक्षा पुलिस आयुक्त स्वयं करेंगे। सभी प्रकरणों में अभियुक्तों का पूर्ण विवरण समन्वय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करने तथा साइबर फ्रॉड मामलों की गुणवत्ता आधारित साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।

पुलिस आयुक्त ने आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के लिए सोशल मीडिया, विद्यालयों, गोष्ठियों एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष बल दिया।

इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) श्री आलोक प्रियदर्शी, अपर पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध श्रीमती नीतू सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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