उत्तर प्रदेशवाराणसी

हरियाणा के कृषि प्रतिनिधिमंडल ने आइसार्क का किया दौरा, धान अनुसंधान में सहयोग बढ़ाने पर जोर

Shekhar Pandey

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वाराणसी। हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 25 से 27 अप्रैल 2026 के बीच अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान (इरी) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क), वाराणसी का दौरा किया। दौरे के दौरान सतत एवं जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने के लिए सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इस बैठक में विश्व बैंक के प्रतिनिधियों की भी भागीदारी रही।

प्रतिनिधिमंडल का स्वागत अनुसंधान निदेशक डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने किया। उन्होंने धान अनुसंधान को आगे बढ़ाने और केंद्र एवं राज्य सरकारों के साथ साझेदारी मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इस दौरान आइसार्क के पूर्व निदेशक एवं वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (सी-सार्क), आगरा के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह भी उपस्थित रहे। वहीं, विश्व बैंक की ओर से डॉ. सौम्या श्रीवास्तव ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

दौरे का मुख्य उद्देश्य इरी और हरियाणा सरकार के बीच साझेदारी को और सुदृढ़ करना रहा। इसमें वैज्ञानिक नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल तकनीकों, संसाधन प्रबंधन और नीतिगत सहयोग के माध्यम से धान आधारित फसल प्रणाली को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

इरी की वैज्ञानिक एवं इंडिया कंट्री मैनेजर (अंतरिम) डॉ. स्वाति नायक ने भारत में इरी के कार्यों और आइसार्क की प्रमुख पहलों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। वहीं, आइसार्क के अंतरिम निदेशक एवं रीजनल ब्रीडिंग लीड डॉ. विकास कुमार सिंह ने उन्नत ब्रीडिंग तकनीकों और जलवायु-अनुकूल धान किस्मों के विकास में केंद्र की भूमिका को विस्तार से बताया।

बैठक के दौरान हरियाणा स्टेट–ग्रास्प पहल के लिए इरी के सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने वैज्ञानिकों के साथ कृषि प्रणाली सुधार, जल उपयोग दक्षता, संसाधन प्रबंधन और डेटा-आधारित समाधान जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया।

राजनारायण कौशिक ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान को जमीनी स्तर पर लागू करना आवश्यक है।

दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आइसार्क की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं—जैसे जीआईएस लैब, संगणकीय जीवविज्ञान प्रयोगशाला, एडटेक स्टूडियो तथा पौध एवं मृदा प्रयोगशालाओं—का भी निरीक्षण किया और नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

दौरे के अंत में इरी और हरियाणा सरकार के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी, जिसमें सतत धान उत्पादन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और किसान-केंद्रित नवाचारों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

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