महँगी शिक्षा का विनाश,समान शिक्षा की स्थापना ही देश की भारी जनभावना -केसरिया भारत

Ashutosh pandey
वाराणसी । केसरिया भारत संगठन के द्वारा महँगी शिक्षा के विरुद्ध छात्र अभिभावक संवाद का आयोजन नागेश्वर हाल,मोहनसराय में संपन्न हुआ । इस अवसर पर केसरिया भारत के प्रमुख संयोजक कृष्णा नन्द पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा के व्यवसायी करण के कारण समाज में जन आक्रोश बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है,इस महँगी शिक्षा रूपी रावण का बध करने के लिए संगठित आंदोलन की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि देशभर में महँगी शिक्षा को लेकर असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। निजी स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों की लगातार बढ़ती फीस ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। बढ़ते शैक्षणिक खर्च के कारण अभिभावकों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है और इसका असर सामाजिक संतुलन पर भी दिखाई देने लगा है।

वर्तमान समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदलकर व्यवसायिक होता जा रहा है। इसका सीधा प्रभाव समाज के बड़े वर्ग पर पड़ रहा है, जहां अधिकांश परिवार अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति यह है कि बड़ी संख्या में अभिभावक कर्ज लेकर बच्चों की पढ़ाई पूरी कराने को मजबूर हैं, केसरिया भारत के प्रदेश अध्यक्ष गौरीश सिंह ने कहा पूरे देश में केसरिया भारत द्वारा इस मुद्दे को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा,अभिभावकों और छात्रों के बीच घर घर जाकर संगठन के कार्यकर्ता विद्यालयों के द्वारा लूट और सरकार द्वारा इस लूट के लिए दी गयी छूट के बारे में जानकारी देंगे,राकेश त्रिपाठी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें इस विषय पर गंभीरता से आगे आना होगा और शिक्षा को सुलभ तथा किफायती बनाने के लिए संगठित प्रयास करने होंगे। कार्यक्रम में संगठन के नव नियुक्त पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया व उनके दायित्व व कार्य के बारे मे जानकारी दिया गया,कार्यक्रम में प्रमुख रूप से,शुभम पाण्डेय,सोनूगोंड, मधुसूदन केसरी,जितेन्द्र सिंह ,करण मौर्य,उपेंद्र सिंह, शिवम् उपाध्याय,ऋषभ सिंह,श्याम सरकार सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन हरीश चंद्र चौबे,ने किया समापन श्री हनुमान चालीसा पाठ से हुआ ।







