देश, काल और भाषा की सीमाओं को पार कर प्रमिला हॉस्पिटल में गंभीर न्यूरोसर्जिकल मरीज की सफल सर्जरी

Ashutosh pandey
वाराणसी। चिकित्सा सेवा की प्रतिबद्धता जब मानवीय संवेदनशीलता और विशेषज्ञता से जुड़ती है, तो देश, भाषा और भौगोलिक सीमाएँ भी उपचार के मार्ग में बाधा नहीं बनतीं। इसका उल्लेखनीय उदाहरण प्रमिला हॉस्पिटल में देखने को मिला, जहाँ गंभीर अवस्था में भर्ती हुई श्रीमती सुनेत्रा रामानायका का सफल न्यूरोसर्जिकल उपचार किया गया। श्रीमती सुनेत्रा रामानायका को गंभीर Acute Subdural Hematoma (Acute SDH) एवं Right Hemiparesis की स्थिति में प्रमिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उनकी गंभीर अवस्था को देखते हुए तत्काल न्यूरोसर्जिकल हस्तक्षेप आवश्यक था।
डॉ. धन्वंतरी शुक्ला (Dr. Dhanvantari Shukla) के नेतृत्व में विशेषज्ञ न्यूरोसर्जिकल टीम ने त्वरित निर्णय लेते हुए सफलतापूर्वक सर्जरी की। ऑपरेशन एवं उपचार के बाद मरीज के स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार हुआ और उनकी स्थिति स्थिर होने पर उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। स्वास्थ्य लाभ के उपरांत श्रीमती सुनेत्रा रामानायका को सुरक्षित रूप से अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। इस अवसर पर प्रमिला हॉस्पिटल की ओर से उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट किया गया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। अस्पताल की टीम ने उन्हें शुभकामनाओं के साथ उनके देश वापस लौटने के लिए विदा किया। मरीज के परिजनों ने प्रमिला हॉस्पिटल की पूरी चिकित्सकीय टीम एवं समस्त स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी तत्परता, विशेषज्ञता, समर्पण और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की। प्रमिला हॉस्पिटल की यह उपलब्धि इस विश्वास को और मजबूत करती है कि चिकित्सा सेवा की कोई सीमा नहीं होती। देश, भाषा और भौगोलिक सीमाओं से परे, समर्पित चिकित्सकीय प्रयासों, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और मानवीय संवेदनशीलता के माध्यम से गंभीर से गंभीर मरीज को भी बेहतर उपचार एवं सुरक्षित स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा सकता है। हॉस्पिटल के निदेशक डॉ एस एन राय ने बताया कि प्रमिला हॉस्पिटल सदैव गुणवत्तापूर्ण, विशेषज्ञतापूर्ण एवं मानवीय चिकित्सा सेवा के प्रति प्रतिबद्ध है।







