उत्तर प्रदेशवाराणसी

काशी से 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का आगाज, सीएम योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से किया सीधा संवाद

Shekhar pandey

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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सुपोषित भारत’ के विजन के तहत बुधवार को वाराणसी के सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर से 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलने वाले 30 दिवसीय अभियान की इस वर्ष की थीम ‘हमारी आंगनबाड़ी-हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य मौजूद रहीं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर राष्ट्रीय पोषण माह का विधिवत शुभारंभ किया। देशभर के करीब 14 लाख आंगनबाड़ी केंद्र भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। मुख्यमंत्री ने उड़ीसा और गोरखपुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से संवाद कर बच्चों के पोषण, कुपोषण से मुक्ति और आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी बाबा विश्वनाथ और मां अन्नपूर्णा की पावन धरती है। यहीं से पूरे देश को पोषण का संदेश जाना अपने आप में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश की नींव को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। युवा का भविष्य बचपन से तय होता है और स्वस्थ बच्चा ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला बनेगा।

उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। बच्चे के जीवन के पहले एक हजार दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। मां स्वस्थ होगी तो बच्चा भी स्वस्थ होगा और आगे चलकर राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका निभाएगा।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में पहली बार आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम हुआ है। एक केंद्र के निर्माण पर करीब 30 लाख रुपये तक खर्च कर उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। पिछले साढ़े नौ वर्षों में 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को नया स्वरूप दिया गया है। इन केंद्रों पर बच्चों के लिए शौचालय, पेयजल और बाल वाटिका जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि अब बच्चों को मिलने वाला पोषाहार हॉट कुक्ड मील के साथ टीएचआर प्लांट के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में करीब 1.90 लाख आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से करीब पांच करोड़ माताओं को 2100 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष पोषण माह में आहार विविधता एवं पर्याप्त प्रोटीन, आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताजा पका भोजन, सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही, पोषण एवं प्रारंभिक बाल विकास तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पोषण पर किया गया निवेश कभी व्यर्थ नहीं जाता।

उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले जहां उन्हें तीन हजार रुपये मासिक मिलते थे, वहीं अब इसे चार गुना बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया गया है। साथ ही उन्हें पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा भी उपलब्ध कराया गया है।

‘विकसित भारत के लिए बच्चों को मजबूत करना जरूरी’- अन्नपूर्णा देवी

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि बाबा विश्वनाथ की धरती से राष्ट्रीय पोषण अभियान को आगे बढ़ाना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि मजबूत इमारत के लिए मजबूत नींव जरूरी होती है, उसी प्रकार विकसित भारत के लिए बच्चों को स्वस्थ और मजबूत बनाना होगा।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में शुरू हुआ पोषण अभियान आज जनभागीदारी का बड़ा अभियान बन चुका है। देशभर के 14 लाख आंगनबाड़ी केंद्र स्वस्थ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इस अभियान की सबसे मजबूत कड़ी हैं, क्योंकि सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।

‘मां अन्नपूर्णा की धरती से पूरे देश को पोषण का संदेश’- सावित्री ठाकुर

केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि काशी से राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत होना विशेष महत्व रखता है। मां अन्नपूर्णा की धरती से पूरे देश को पोषण का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सरकार माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

बच्चों के समग्र विकास का केंद्र बनें आंगनबाड़ी केंद्र- बेबी रानी मौर्य

प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि पोषण अभियान को सफल बनाने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषाहार वितरण तक सीमित न रखते हुए बच्चों के समग्र विकास का केंद्र बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बच्चों के पोषण की बड़ी जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर है। कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि पोषण का अर्थ केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और संतुलित आहार उपलब्ध कराना भी है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उड़ीसा से आई आंगनबाड़ी सहायिका से संवाद करते हुए कुपोषित बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका के बारे में जानकारी ली। इसके बाद गोरखपुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से भी बच्चों के पोषण और टेक होम राशन को लेकर बातचीत की।

कार्यक्रम से पहले महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव अनिल मलिक ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पिछले आठ पोषण अभियानों के दौरान करोड़ों गतिविधियों के माध्यम से पोषण अभियान को जनआंदोलन बनाने में सफलता मिली है।

कार्यक्रम में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, बाल पुष्टाहार राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, डॉ. सुनील पटेल, अपर मुख्य सचिव वीना जौहरी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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