उत्तर प्रदेशवाराणसी

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित प्रो. आशुतोष मोहन का बीएचयू में भव्य अभिनंदन

Shekhar pandey

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25 वर्षों से अधिक की शैक्षणिक यात्रा और नवाचार को मिला राष्ट्रीय सम्मान

वाराणसी। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के प्रोफेसर आशुतोष मोहन का मंगलवार को बीएचयू में भव्य अभिनंदन किया गया। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के बाद विश्वविद्यालय परिवार ने विशेष समारोह आयोजित कर उनकी उपलब्धि का स्वागत किया।

आईएम-बीएचयू में आयोजित अभिनंदन समारोह में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक, संकाय सदस्य, शोधार्थी, विद्यार्थी, पूर्व विद्यार्थी और सहयोगी शामिल हुए। सभी ने प्रो. मोहन को बधाई देते हुए शिक्षा, शोध, अकादमिक नेतृत्व और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में उनके योगदान को सराहा।

समारोह में प्रो. आशीष बाजपेयी, प्रो. एसके दुबे, प्रो. आरके लोधवाल, प्रो. अमित गौतम, प्रो. अनुराग सिंह, प्रो. शशि श्रीवास्तव, प्रो. राजकिरण प्रभाकर, प्रो. आनंदिता चक्रवर्ती, प्रो. विशाल लहरी, प्रो. राम उरांव, प्रो. एसएन उपाध्याय, प्रो. अरुण देशमुख सहित कई शिक्षक एवं शोधार्थी मौजूद रहे।

शिक्षण के साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण पर जोर

वक्ताओं ने कहा कि प्रो. आशुतोष मोहन का योगदान महज कक्षा में अध्यापन तक सीमित नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों को शोध, नवाचार, नए विचारों और निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया। समारोह में उनके पूर्व विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए उनके मार्गदर्शन के प्रति आभार जताया।

25 साल से अधिक का अकादमिक अनुभव

प्रो. आशुतोष मोहन ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक समय तक शिक्षण, शोध, अकादमिक नेतृत्व और नवाचार के क्षेत्र में काम किया है। वह बीएचयू के पूर्व छात्र रहे हैं और उन्होंने एफएमएस-बीएचयू से एमबीए किया। इसके बाद यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली के एफएमएस से पीएचडी तथा आईएम-बीएचयू से मैनेजमेंट में डी.लिट. की उपाधि हासिल की। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया में भी अध्यापन किया है और प्रतिष्ठित एआईसीटीई करियर अवॉर्ड प्राप्त किया है।

50 से अधिक शोध-पत्र, SWAYAM में भी अहम भूमिका

प्रो. मोहन के नाम 50 से अधिक शोध-पत्र दर्ज हैं। वर्तमान में वह शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के National Coordinator (INI)-SWAYAM की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने SWAYAM प्लेटफॉर्म के लिए तीन पाठ्यक्रम विकसित किए हैं। इसके अलावा जर्मनी के सहयोग से दो इंटरैक्टिव पाठ्यक्रम भी विकसित किए हैं।

अकादमिक क्षेत्र में वह BHU Management Review के मैनेजिंग एडिटर और आईएम-बीएचयू के प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।

महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद निदेशक और अधिष्ठाता ने संबोधित किया। समारोह में प्रो. आशुतोष मोहन की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक यात्रा पर आधारित वीडियो भी प्रदर्शित किया गया।

अपने संबोधन में प्रो. मोहन ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए विश्वविद्यालय परिवार, सहकर्मियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और सहयोगियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के भविष्य को आकार देने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 को प्रो. आशुतोष मोहन की वर्षों की शैक्षणिक मेहनत, शोध, नवाचार और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण का राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान माना जा रहा है। यह उपलब्धि बीएचयू के लिए भी गौरव का विषय है।

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