CY-VAZRA अभियान: चौक पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई, साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल म्यूल अकाउंट धारक पर मुकदमा दर्ज

Shekhar pandey
वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘CY-VAZRA’ अभियान के तहत थाना चौक पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त एक म्यूल अकाउंट धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर डीसीपी काशी ज़ोन, एडीसीपी काशी ज़ोन, एसीपी दशाश्वमेध तथा एसीपी साइबर अपराध के नेतृत्व में चल रहे अभियान के दौरान साइबर मुख्यालय लखनऊ से प्राप्त संदिग्ध खातों की जांच की गई। जांच में पता चला कि आकिब खान पुत्र इकबाल खान, निवासी सीके-67/68, फाटक शेख सलीम, नई सड़क, थाना चौक, का बैंक खाता साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल किया गया था।
एनसीआरपी (National Cyber Crime Reporting Portal) पर जांच के दौरान विभिन्न साइबर अपराधों से प्राप्त धनराशि का लेन-देन इस खाते के माध्यम से होना पाया गया। इसके आधार पर थाना चौक में मु.अ.सं. 122/2026 के तहत धारा 318(4) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट में अभियोग पंजीकृत कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में थाना चौक के प्रभारी निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक सौरभ शाही तथा साइबर क्राइम सेल के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार तिवारी, कांस्टेबल शनि यादव और सुनील जायसवाल की अहम भूमिका रही।
साइबर सेल की जनता से अपील
साइबर क्राइम सेल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk, TeamViewer, RustDesk जैसे रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें, किसी के साथ बैंक ओटीपी, नेट बैंकिंग या एटीएम संबंधी जानकारी साझा न करें तथा 21 जैसे कॉल फॉरवर्डिंग कोड डायल करने से बचें।
यदि कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता या एटीएम किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें, क्योंकि म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल करने वालों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है।







